World: यहाँ लगती है दुल्हनों की मंडी, पैसे देकर बीवी खरीदते हैं मर्द, माँ-बाप लगाते हैं बोली

World: शादी का सपना तो हर लड़की देखती है। हर लड़की की चाह होती है की उसे पति के रूप में अपने सपनों का राजकुमार मिले। उसके जीवनसाथी में अपना दोस्त मिले जिससे वो अपना हर सुख-दुख शेयर करें। वहीं हर माता-पिता की भी यही चाहत होती है की उनकी बेटी की शादी धूम-धाम से […]

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3 months ago - 19:40
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World: यहाँ लगती है दुल्हनों की मंडी, पैसे देकर बीवी खरीदते हैं मर्द, माँ-बाप लगाते हैं बोली

World: शादी का सपना तो हर लड़की देखती है। हर लड़की की चाह होती है की उसे पति के रूप में अपने सपनों का राजकुमार मिले। उसके जीवनसाथी में अपना दोस्त मिले जिससे वो अपना हर सुख-दुख शेयर करें। वहीं हर माता-पिता की भी यही चाहत होती है की उनकी बेटी की शादी धूम-धाम से किसी अच्छे लड़के के साथ हो। लेकिन क्या आप जानते हैं दुनिया में एक ऐसी जगह भी है जहां बेटियों की शादी करने के लिए उन्हें बाज़ार में बेचा जाता है। आप भी सुन कर चौक गये न? इस पर यक़ीन करना तो मुश्किल है लेकिन ये पूरी तरह से सच है। आज हम आपको एक ऐसे ही देश के बारे में बताने जा रहे हैं जहां शादी के लिए लड़कियों की बोली लगायी जाती है। इतना ही नहीं लड़कियों को बाज़ार भी उनके माता-पिता ख़ुद लेकर जाते है।

इस जगह लगती है मंडी

दुल्हनों को बेचने वाली मंडी मंडी बुल्गारिया की स्तारा जागोर (Stara Zagora, Bulgaria) नाम की जगह पर लगती है। इसी मंडी में लड़कियों को उनके माता-पिता उन्हें दुल्हन बनाकर लेकर जाते हैं। मंडी में लड़की के कई ख़रीददार होते हैं। जो दुल्हनों की बोली लगाते हैं, जो सबसे ज़्यादा ऊँचीं बोली लगाटा है, उससे माता-पिता अपनी बेटी की शादी का रिश्ता तय कर देते हैं। यह मंडी बुल्गारिया की स्तारा जागोर (Stara Zagora, Bulgaria) नाम की जगह पर लगता है।
बुल्गारिया की यह मंडी साल में चार बार लगती है, चार बार बाज़ार को पूरी तरह से सजाया जाता है। मंडी में आने वाले लड़के या दूल्हे अपनी पसंद की लड़की के लिए बोली लगता है और उसे ख़रीदकर उसे अपनी पत्नी बना सकते हैं. एक रिपोर्ट के मुताबिक इन लड़कियों की उम्र मात्र 13 से 20 साल होती है. 

कलाइदझी समुदाय लगता है मंडी

अब आप सोच रहे होंगे की आख़िर कौन से लोग या कौनसा ऐसा समाज है जो लड़कियों की मंडी लगता है तो आपको बता दें दुल्हनों का बाज़ार कलाइदझी समुदाय (Kalaidzhi Community) के द्वारा लगाया जाता है इस मंडी की ख़ासियत यह है की यहाँ अन्य समाज का कोई भी बाहरी शख़्स आकर दुल्हनों की बोली नहीं लगा सकते। बताया जाता है इस समज की लड़कियो को इस अजीब सी परंपरा से कोई भी दिक्क्त या परेशानी नहीं है। उन्हें इसके लिए बचपन से ही मानसिक रूप से तैयार किया जाता है.

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लड़की में ये गुण होना ज़रूरी

इस परंपरा के बारे में बताया जाता है की इस समुदाय के लोग अपनी बेटियों को ज़्यादा पढ़ने नहीं देते, 13-14 साल की उम्र के बाद स्कूल से निकाल लेते हैं. यह भी कहा जाता है की मंडी में जो भी लड़कियाँ आती हैं उन्हें घर के काम करने आने चाहिए साथ ही उनकी उम्र भी कम होनी चाहिए। यही वजह है कि यहाँ आने वाली अधिकतर लड़कियां नाबालिग होती हैं. 

इतने रक़म में होता है सौदा

जब मंडी में लड़का अपनी दुल्हन को पसंद कर लेता है तो उसके बाद लड़की के सौदे की रक़म तय की जाती है। इस पर एक रिपोर्ट के अनुसार,बाजार में लड़कियों का सौदा 300 से 400 डॉलर तक में होता है.
दुल्हनों को बाज़ार में ज्यादा पैसे मिले इसके लिए वो काफ़ी पहले से ही तैयारियाँ शुरू कर देती है ताकि वो मंडी में बहुत खूबसूरत दिखें ताकि उन्हें अधिक पैसे मिले, इसके लिए सुंदर दिखना अवश्यक है। इसके लिए वो बाज़ार में अच्छे कपड़े और मेकअप के साथ आती हैं.

लड़का पसंद करता है लड़की

बाजार में लड़की पसंद आने के बाद लड़का उसे अपनी पत्नी मान लेता है। इसके बाद दोनों के माता-पिता को इस शादी के लिए मानना पड़ता है. लड़के और लड़की के बीच घर-परिवार और इनकम पर बातचीत होती है, फिर परिवारवाले शादी की रकम तय करते हैं और रिश्ता हो पक्का हो  जाता है.

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