देश में 348 राष्ट्रीय राजमार्गों पर चल रहा निर्माण कार्य, अगले दो वित्त वर्षों में होगा पूरा : नितिन गडकरी
नई दिल्ली, 10 दिसंबर (आईएएनएस)। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बुधवार को कहा कि देश में 348 राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाएं हैं, जिन पर निर्माण कार्य कॉन्ट्रैक्ट में निर्धारित मूल समापन सीमा निकलने के एक साल के बाद भी चल रहा है और इनमें से ज्यादातर पर काम चालू वित्त वर्ष और अगले वित्त वर्ष 2026-27 में पूरा होने की उम्मीद है।
राज्यसभा में एक लिखित सवाल के जवाब में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कुछ राष्ट्रीय राजमार्गों पर कार्य वित्त वर्ष 2027-28 में पूरा होने की उम्मीद है।
केंद्रीय मंत्री ने अपने जवाब में कहा कि विभिन्न कारकों के कारण कुछ राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की लागत में वृद्धि हुई है, जिसमें भूमि के मुआवजे की बढ़ी हुई लागत, मूल्य वृद्धि, वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) में वृद्धि, सार्वजनिक मांग या अन्य कारणों से वाहन अंडरपास, यात्री अंडरपास, सर्विस रोड जैसी अतिरिक्त सुविधाएं, रेलवे मानकों को पूरा करने के लिए सड़क ओवर/अंडर ब्रिज के लिए सामान्य व्यवस्था या डिजाइन में परिवर्तन आदि शामिल हैं।
उन्होंने कहा, “सरकार ने परियोजना की प्रगति और ठेकेदार से संबंधित मुद्दों की निगरानी के लिए कई सिस्टम का उपयोग करते हुए एक ढांचा तैयार किया है। परियोजना की प्रगति का आकलन करने और भूमि अधिग्रहण, सामग्री की उपलब्धता, मंजूरी आदि से संबंधित साइट संबंधी मुद्दों को हल करने के लिए पक्षकारों के साथ विभिन्न स्तरों पर नियमित समीक्षा बैठकें आयोजित की जाती हैं।”
गडकरी ने आगे कहा कि इन परियोजनाओं को पूरा करने के लिए राज्य सरकारों और अन्य पक्षकारों के साथ मजबूत समन्वय में ठेकेदार/रियायतग्राही से संबंधित मुद्दों सहित सभी लंबित मुद्दों को हल करने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
एक अन्य प्रश्न का उत्तर देते हुए केंद्रीय ने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण कार्य भारतीय सड़क कांग्रेस के मानकों, दिशा-निर्देशों, नियमावली, आचार संहिता और सड़क एवं पुल निर्माण संबंधी विशिष्टताओं के अनुसार किए जाते हैं।
नए निर्मित सड़कों को व्यावसायिक यातायात के लिए खोलने से पहले उनका स्वतंत्र मूल्यांकन करने हेतु सड़क सुरक्षा ऑडिट किया जाता है। सड़क को जनता के लिए खोलने से पहले सड़क सुरक्षा से संबंधित सभी पहचाने गए मुद्दों, जिनमें सड़क संकेत और चिह्नों से संबंधित मुद्दे भी शामिल हैं, का समाधान किया जाता है।
--आईएएनएस
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