बिहार में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: 36 IAS अधिकारियों का तबादला, कई जिलों की कमान इधर से उधर हुई
पटना में गुरुवार देर शाम बिहार प्रशासनिक महकमे में बड़ी हलचल देखने को मिली, जब राज्य सरकार ने 36 आईएएस अधिकारियों के व्यापक तबादले और नई नियुक्तियों का आदेश जारी कर दिया। इस फेरबदल को सरकार ने विकास योजनाओं की रफ्तार बढ़ाने, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे प्रमुख क्षेत्रों में निगरानी मजबूत करने तथा जिलों में प्रशासनिक संतुलन सुधारने की कोशिश के तौर पर पेश किया है। अचानक आए इस आदेश ने कई विभागों की जिम्मेदारियों का नक्शा पूरी तरह बदल दिया है।
राज्य शिक्षा परियोजना परिषद से स्थानांतरित किए गए मयंक वर्वड़े अब योजना एवं विकास विभाग के नए सचिव होंगे और जांच आयुक्त का अतिरिक्त प्रभार भी संभालेंगे। वरिष्ठ अफसर एस. कपिल अशोक को बिहार राज्य फल एवं सब्जी विकास निगम का अतिरिक्त एमडी बनाया गया है, जबकि अमित कुमार पांडेय को राज्य स्वास्थ्य समिति का कार्यकारी निदेशक नियुक्त किया गया है। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति क्षेत्र में सुनील कुमार अब निगम के प्रबंध निदेशक बनकर नई चुनौतियों का सामना करेंगे।
सरकार ने विभागीय ढांचों में तेजी लाने के लिए सूचना एवं जनसंपर्क विभाग में अनिल कुमार को नया निदेशक बनाया है। भूमि अभिलेख एवं सर्वेक्षण निदेशक का जिम्मा सुहार्श भगत को सौंपा गया है, जबकि एमएसएमई विभाग में अमन समीर और खनन निदेशालय में मनीष कुमार मीणा नई भूमिका निभाएंगे। शिक्षा विभाग में प्राथमिक शिक्षा निदेशक के तौर पर विक्रम विरकर और बिहार शिक्षा परियोजना परिषद के परियोजना निदेशक के रूप में नवीन कुमार की नियुक्ति इस क्षेत्र में ताज़ा फोकस को दर्शाती है।
जमीनी स्तर पर विकास को गति देने के लिए जिलों में भी महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। बेगूसराय, नवादा और बक्सर में आकाश चौधरी, नीलिमा साहू और निहारिका छाबी नए डीडीसी होंगे। प्रशासनिक हलकों में इन नियुक्तियों को उन जिलों के लिए ‘नए टेम्पो’ के रूप में देखा जा रहा है, जहाँ बड़े विकास कार्यों की मॉनिटरिंग की जरूरत थी।
कानून-व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त रखने के उद्देश्य से कई नए एसडीओ भी तैनात किए गए हैं। मोतिहारी सदर में निशांत सिहारा, कटिहार में प्रधुमन सिंह यादव, अरेराज में अंजलि शर्मा, आरा सदर में शिप्रा विजयकुमार चौधरी, सासाराम में डॉ. नेहा कुमारी और कहलगांव में कृष्ण चंद्र गुप्ता अब प्रशासनिक कमान संभालेंगे। सरकार का मानना है कि नई तैनातियाँ जिलों में फील्ड प्रशासन की पकड़ मजबूत बनाएंगी।
कई अधिकारी जो लंबे समय से पोस्टिंग के इंतजार में थे, उन्हें भी नई भूमिका सौंपी गई है। धर्मेंद्र कुमार अब सामाजिक सुरक्षा निदेशक होंगे, डॉ. विद्यानंद सिंह को हस्तशिल्प निदेशालय, तुषार सिंगला को मत्स्य निदेशालय, सौरभ सुमन यादव को कृषि निदेशालय और यतेन्द्र कुमार पाल को बिहार राज्य पाठ्यपुस्तक निगम का प्रबंध निदेशक बनाया गया है।
प्रदेश में यह सबसे बड़ा प्रशासनिक फेरबदल माना जा रहा है, जिसने एक झटके में कई विभागों और जिलों की दिशा बदल दी है। राजनीतिक गलियारों में इसे सरकार की ‘संगठनात्मक ट्यूनिंग’ और अगले कुछ महीनों में तेजी से लिए जाने वाले फैसलों की तैयारी के रूप में देखा जा रहा है। आने वाले समय में इन बदलावों का असर योजनाओं की गुणवत्ता और उनके धरातली क्रियान्वयन पर साफ दिखाई देगा।
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