हांसी बना हरियाणा का 23वां जिला: 12 साल की मांग पर CM सैनी की मुहर
Haryana News (Hansi): हांसी में मंगलवार की शाम सिर्फ एक विकास रैली नहीं थी, बल्कि बारह साल से टिकी एक उम्मीद का सार्वजनिक ऐलान था। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मंच से जैसे ही कहा कि “हांसी हरियाणा का 23वां जिला होगा”, पूरा पंडाल तालियों और नारों से गूंज उठा। यह वही हांसी है, जो 2013 से जिला बनने की मांग लिए सरकारों के दरवाजे खटखटाती रही और अब जाकर उसे औपचारिक पहचान मिलने जा रही है।
मुख्यमंत्री ने साफ किया कि जिला बनाए जाने का नोटिफिकेशन सात दिन के भीतर जारी कर दिया जाएगा। इस एक वाक्य ने प्रशासनिक नक्शे के साथ-साथ स्थानीय लोगों की रोजमर्रा की उम्मीदों को भी नया आकार दे दिया। भीड़ में मौजूद बुजुर्गों से लेकर युवाओं तक के चेहरों पर राहत साफ झलक रही थी। Haryana News
हांसी पहले से ही पुलिस जिला है, जिसकी घोषणा वर्ष 2016 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने की थी। तब से यहां पुलिस अधीक्षक की तैनाती है, लेकिन राजस्व जिला न बनने से कई विभागीय कामकाज के लिए लोगों को हिसार के चक्कर काटने पड़ते थे। अब पूर्ण जिला बनने के बाद डीसी कार्यालय समेत तमाम प्रशासनिक ढांचे यहीं स्थापित होने की राह खुल गई है।
रैली के दौरान मुख्यमंत्री ने सिर्फ घोषणा ही नहीं की, बल्कि विकास के आंकड़ों के जरिए राजनीतिक संदेश भी दिया। उन्होंने बताया कि कांग्रेस शासनकाल में हांसी में 253 करोड़ रुपये के विकास कार्य हुए, जबकि भाजपा सरकार के पिछले दस वर्षों में यह आंकड़ा 1008 करोड़ रुपये तक पहुंचा। साथ ही तीन अहम परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया गया, जिनकी कुल लागत 77 करोड़ रुपये से अधिक है।
इनमें बरवाला ब्रांच से हांसी शहर तक भाखड़ा का पानी पहुंचाने की 61.44 करोड़ रुपये की परियोजना शामिल है, जिसे इलाके की सबसे बड़ी जरूरत बताया गया। इसके अलावा ढंढेरी और लोहारी राघो गांव में 33 केवी के नए बिजली सब स्टेशनों से बिजली आपूर्ति मजबूत होने का दावा किया गया। Haryana News
इस घोषणा का एक राजनीतिक संदर्भ भी है। अगस्त 2024 में जन आशीर्वाद रैली के दौरान नायब सैनी ने वादा किया था कि विधानसभा चुनाव जीतने के बाद हांसी में डीसी बैठेगा। उस समय आचार संहिता का हवाला देकर कई सवाल उठे थे, लेकिन अब मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्होंने उसी मंच से वादे को औपचारिक रूप दे दिया। Haryana News
हांसी का इतिहास सिर्फ प्रशासन तक सीमित नहीं है। हिसार से करीब 26 किलोमीटर दूर स्थित यह क्षेत्र कभी आसपास के इलाकों से ज्यादा समृद्ध माना जाता था। असीगढ़ किला, तलवार निर्माण की परंपरा, कृषि आधारित अर्थव्यवस्था और दूध से बनी पेड़ा मिठाई इसकी अलग पहचान हैं। गेहूं, चावल और कपास की खेती के साथ-साथ कपड़ा बुनाई और धातु उद्योग यहां के लोगों की आजीविका का आधार रहे हैं।
रैली में सफीदो विधायक रामकुमार गौतम के बयान ने राजनीतिक बहस को भी हवा दी। उन्होंने अपने खिलाफ फैलाए जा रहे प्रचार पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वे जातिवाद के खिलाफ हैं और समाज को बांटने की राजनीति का समर्थन नहीं करते। उन्होंने मुख्यमंत्री नायब सैनी को “सबका काम करने वाला नेता” बताते हुए सरकार के बेधड़क चलने का दावा किया। Haryana News
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिला बनने के बाद हांसी की रफ्तार कैसी होगी। प्रशासनिक कार्यालयों की स्थापना, कर्मचारियों की तैनाती और नई संरचना के साथ स्थानीय स्तर पर फैसलों की प्रक्रिया तेज होने की उम्मीद जताई जा रही है। मुख्यमंत्री के अनुसार, नोटिफिकेशन के बाद औपचारिक प्रक्रियाएं तुरंत शुरू कर दी जाएंगी और हरियाणा के जिलों की संख्या 22 से बढ़कर 23 हो जाएगी। Haryana News
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