Haryana News: हरियाणा विधानसभा के शीतकालीन सत्र की शुरुआत के साथ ही सियासी माहौल अचानक गर्म हो गया है। कांग्रेस ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी शुरू कर दी है। सत्र शुरू होते ही यह मुद्दा सत्ता और विपक्ष के बीच सीधी टक्कर का कारण बनता दिख रहा है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कांग्रेस की इस रणनीति पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सरकार हर सवाल और हर मुद्दे पर जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने साफ किया कि प्रक्रियागत सीमाओं के बावजूद सरकार ने जानबूझकर शीतकालीन सत्र बुलाया ताकि विपक्ष को अपनी बात रखने का पूरा अवसर मिले। Haryana News सीएम सैनी ने कहा कि हाल ही में बजट सत्र समाप्त हुआ है और सामान्य तौर पर अगला सत्र छह महीने बाद बुलाया जा सकता था लेकिन इसके बावजूद सरकार ने विधानसभा का शीतकालीन सत्र आयोजित किया। उनके मुताबिक यह कदम सरकार की पारदर्शिता और जवाबदेही को दर्शाता है। मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर सदन के भीतर गैर-जिम्मेदार रवैया अपनाने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि विपक्ष अक्सर निराधार आरोप लगाता है और जब सरकार जवाब देती है तो चर्चा से बचते हुए वॉकआउट कर लेता है। Haryana News इधर, विपक्ष की तरफ से पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कांग्रेस विधायकों और पार्टी नेताओं की बैठक बुलाकर रणनीति को अंतिम रूप दिया। चंडीगढ़ स्थित अपने आवास पर हुई इस बैठक में हुड्डा ने दोहराया कि कांग्रेस विधानसभा में अविश्वास प्रस्ताव लाकर बीजेपी सरकार को “बेनकाब” करेगी। हुड्डा ने आरोप लगाया कि हरियाणा में सरकार का गठन वोट चोरी, सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग, चुनाव से पहले अवैध प्रलोभन और फर्जी मतदाताओं के सहारे किया गया। उन्होंने कहा कि इन सभी मुद्दों को विधानसभा के पटल पर विस्तार से उठाया जाएगा। [caption id="attachment_210782" align="alignnone" width="1200"] कांग्रेस लाएगी अविश्वास प्रस्ताव - हरयाणा कांग्रेस नेताओं की प्रेस कॉन्फ्रेंस (Photo/ Social Media X@BhupinderShooda)[/caption] कांग्रेस ने यह भी साफ किया कि सदन में सरकार को बेरोजगारी, खेल सुविधाओं की बदहाली, जलभराव मुआवजा, कानून-व्यवस्था, बढ़ते भ्रष्टाचार, चंडीगढ़ विवाद और एसवाईएल जैसे मसलों पर घेरा जाएगा। हुड्डा के मुताबिक यह लड़ाई सिर्फ राजनीतिक नहीं बल्कि हरियाणा के अधिकारों और जनता की आवाज की है। Haryana News हालांकि, विधानसभा का संख्या समीकरण फिलहाल सत्तापक्ष के पक्ष में जाता दिख रहा है। बीजेपी के पास 48 विधायक हैं और तीन निर्दलीय विधायकों का समर्थन भी सरकार को प्राप्त है, जिससे कुल आंकड़ा 51 तक पहुंचता है। कांग्रेस के पास 37 विधायक हैं जबकि आईएनएलडी के दो विधायक सदन में हैं। इस गणित के चलते अविश्वास प्रस्ताव के पारित होने की संभावना बेहद कम मानी जा रही है लेकिन राजनीतिक टकराव और तीखी बहस के संकेत साफ हैं। Haryana News