हरियाणा में बाढ़ और जलभराव (Flood Crisis) ने किसानों की फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है। इंडियन नेशनल लोकदल (INLD) ने इस मुद्दे पर भाजपा सरकार को घेरते हुए 15 दिन का अल्टीमेटम दिया है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अभय सिंह चौटाला ने कहा कि अगर प्रभावित खेतों से पानी नहीं निकाला गया, तो बड़ा आंदोलन (Farmers' Protest) छेड़ा जाएगा। अभय चौटाला ने एक राज्य स्तरीय बैठक में कार्यकर्ताओं को गांव-गांव जाकर बाढ़ पीड़ित किसानों (Affected Farmers) से मिलने और उनकी समस्याएं सुनने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा: INLD का यह कदम हरियाणा की राजनीति (Haryana Politics) में नई हलचल पैदा कर सकता है खासकर जब चुनावी माहौल गर्म हो रहा है।

भाजपा और कांग्रेस पर तीखा हमला

अभय ने भाजपा और कांग्रेस (BJP-Congress Rivalry) पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा: ताऊ देवीलाल की श्रद्धांजलि रैली (Tau Devi Lal Rally) की सफलता का जिक्र करते हुए उन्होंने कार्यकर्ताओं को बधाई दी और कहा कि यह रैली पूरे देश में चर्चा का विषय बनी। INLD ने कांग्रेस पर पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला को जेल भेजने की साजिश का आरोप लगाया, जबकि जेजेपी (JJP Betrayal) पर भाजपा को सत्ता में लाने का इल्जाम लगाया।

CM के विदेश दौरे पर सवाल

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के जापान दौरे (CM Japan Visit) पर अभय ने तंज कसते हुए कहा: यह बयान सोशल मीडिया (Social Media Buzz) पर वायरल हो रहा है, और किसान संगठनों ने इसका समर्थन किया है।

कांग्रेस की आंतरिक उलझनें

कांग्रेस की हालिया नियुक्तियों पर अभय ने कहा: उन्होंने कांग्रेस को नसीहत दी कि वह अपनी समस्याएं सुलझाए, न कि दूसरों पर उंगली उठाए।

आंदोलन की चेतावनी

INLD ने साफ कर दिया है कि अगर 15 दिनों में जलभराव (Waterlogging Issue) की समस्या का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन शुरू होगा। अभय ने कार्यकर्ताओं से संगठन को मजबूत करने और जनता के बीच मुद्दों को उठाने को कहा। हरियाणा की राजनीति में चौटाला परिवार (Chautala Family Influence) का प्रभाव अभी भी कायम है और यह विवाद चुनावी माहौल को और गर्म कर सकता है। किसान समुदाय (Farmer Community) को उम्मीद है कि उनकी आवाज अब सुनी जाएगी। क्या सरकार इस संकट का हल निकालेगी या हरियाणा में एक और आंदोलन की शुरुआत होगी?