चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने राइस मिलर्स के लिए एक बड़ा ऐलान किया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने चावल की डिलीवरी और बोनस राशि की अवधि को 30 जून 2025 तक बढ़ाने का फैसला किया है। पहले यह समयसीमा 15 मार्च 2025 थी। इस निर्णय से राज्य की करीब 1000 राइस मिलों को सीधा फायदा होगा।

इस फैसले के तहत राइस मिलर्स को न सिर्फ बोनस राशि मिलेगी, बल्कि लगभग 50 करोड़ रुपये के होल्डिंग चार्ज में भी राहत दी जाएगी। यह कदम मिलर्स की आर्थिक मुश्किलों को कम करने और उनके कारोबार को मजबूत करने के लिए उठाया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार किसानों और मिलर्स के हितों को हमेशा प्राथमिकता देती है।

हरियाणा की अर्थव्यवस्था में राइस मिलिंग उद्योग की अहम भूमिका है। विशेषज्ञों का कहना है कि समयसीमा बढ़ने से मिलर्स को अपनी कार्यकुशलता बढ़ाने और डिलीवरी समय पर पूरी करने में मदद मिलेगी। यह कदम चावल की आपूर्ति श्रृंखला को और मजबूत करेगा, जिसका फायदा लंबे समय तक देखने को मिलेगा।

राइस मिलर्स और व्यापारिक संगठनों ने सरकार के इस फैसले का गर्मजोशी से स्वागत किया है। उनका मानना है कि यह कदम न सिर्फ मिलर्स के लिए फायदेमंद है बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई गति देगा। लोग इस योजना से जुड़े और अपडेट्स के लिए आधिकारिक सूत्रों पर नजर रखे हुए हैं।