नई दिल्ली। अमेरिका ने भारतीय सामानों पर टैरिफ बढ़ाकर 50% कर दिया है, जिसमें रूस से कच्चे तेल की खरीद पर 25% अतिरिक्त शुल्क भी शामिल है। इस फैसले ने भारत-अमेरिका के बीच व्यापारिक रिश्तों में तनाव पैदा कर दिया है। लेकिन भारत ने साफ कर दिया है कि वह अपने किसानों के हितों से कोई समझौता नहीं करेगा।

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने हाल ही में एक बयान में कहा कि भारत अमेरिका से कृषि उत्पादों के आयात पर कोई डील नहीं करेगा, जो भारतीय किसानों को नुकसान पहुंचाए। उन्होंने कहा,

टैरिफ से बढ़ा तनाव

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के इस कदम से दोनों देशों के बीच व्यापारिक रिश्तों में खटास आई है। चौहान ने कहा कि भारत अपने फैसले खुद लेता है और विदेशी दबाव में नहीं झुकेगा। उन्होंने विपक्ष के उन आरोपों को भी खारिज किया, जिसमें कहा गया था कि ट्रंप के टैरिफ के कारण भारत में जीएसटी ढांचे में बदलाव हुआ है। चौहान ने तंज कसते हुए कहा,

स्वदेशी पर जोर

चौहान ने पहले भी 25 अगस्त को एक कार्यक्रम में कहा था कि सरकार ने अमेरिकी कृषि उत्पादों के आयात की मांग को ठुकरा दिया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देगा और अपने किसानों को मजबूत करेगा। उन्होंने कहा:

भारत की ताकत: 144 करोड़ का बाजार

चौहान ने यह भी बताया कि भारत की 144 करोड़ की आबादी उसकी ताकत है। "हमारा घरेलू बाजार इतना बड़ा है कि हम अपनी उपज यहीं खपा सकते हैं। यूरोप और अमेरिका की आबादी हमसे कम है। हम नए बाजार तलाशेंगे, लेकिन अपने किसानों को नुकसान नहीं होने देंगे।"