जयपुर में अवैध गैस रिफिलिंग पर बड़ा वार: 546 सिलेंडर जब्त, चार गिरफ्तार
Jaipur News: जयपुर में रसोई गैस को लेकर चल रहे एक खतरनाक समानांतर कारोबार पर जिला प्रशासन ने अचानक ऐसा शिकंजा कसा कि पूरा नेटवर्क एक साथ सामने आ गया। जिला कलेक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी के निर्देश पर जिला रसद विभाग ने शहर के अलग-अलग इलाकों में एक साथ दबिश देकर अवैध गैस रिफिलिंग के बड़े खेल का भंडाफोड़ किया है। कार्रवाई इतनी व्यापक रही कि महज कुछ घंटों में 546 घरेलू और कॉमर्शियल गैस सिलेंडर जब्त कर लिए गए और चार लोगों को मौके से गिरफ्तार किया गया।
सूचना मिलते ही जिला रसद अधिकारी जयपुर प्रथम ने ऑपरेशन प्रवर्तन के तहत दो अलग-अलग विशेष सतर्कता दल बनाए। दोनों टीमें बिना किसी पूर्व संकेत के अलग-अलग इलाकों में भेजी गईं ताकि अवैध गतिविधियों को रंगे हाथ पकड़ा जा सके। यह रणनीति कारगर रही और शहर के रिहायशी व व्यावसायिक इलाकों में चल रही रिफिलिंग का पूरा तंत्र उजागर हो गया।
पहली टीम ने जगतपुरा के वार्ड संख्या 68 में सत्यम रेजिडेंसी के पास दबिश दी। यहां हालात बेहद चिंताजनक थे। एक ट्रक, पिकअप और यहां तक कि एक अल्टो कार तक में गैस सिलेंडर भरे हुए मिले। मौके से कुल 441 कॉमर्शियल सिलेंडर जब्त किए गए।
जांच में सामने आया कि हिंदुस्तान पेट्रोलियम और भारत पेट्रोलियम, दोनों कंपनियों के सिलेंडर अवैध रूप से रिफिल किए जा रहे थे। टीम ने तीन लोगों को हिरासत में लिया और रिफिलिंग में इस्तेमाल हो रही भट्टी, रबर पाइप, रेगुलेटर और मोबाइल फोन भी जब्त किए।
दूसरी ओर सांगानेर के बड़ा रामद्वारा इलाके में की गई कार्रवाई ने यह साफ कर दिया कि यह धंधा केवल एक जगह तक सीमित नहीं था। यहां से 21 घरेलू और 84 कॉमर्शियल सिलेंडर बरामद हुए।
साथ ही इलेक्ट्रॉनिक कांटा, रिफिलिंग बांसुरी, रेगुलेटर और गैस एजेंसी से जुड़े बिल-वाउचर भी हाथ लगे। मौके से एक व्यक्ति को पकड़ा गया, जिससे पूछताछ जारी है।
दोनों जगहों की कार्रवाई को जोड़ें तो तस्वीर और गंभीर हो जाती है। कुल 546 सिलेंडर, एक पिकअप वाहन और बड़ी मात्रा में रिफिलिंग उपकरण जब्त किए गए हैं। चार लोगों की गिरफ्तारी के साथ प्रशासन अब इस नेटवर्क के पीछे जुड़े अन्य लोगों और संभावित सप्लाई चेन की भी जांच कर रहा है।
जिला रसद अधिकारी प्रियव्रत सिंह चारण ने साफ शब्दों में कहा कि अवैध गैस रिफिलिंग सिर्फ नियमों का उल्लंघन नहीं, बल्कि आम लोगों की जान के साथ खुला खिलवाड़ है। एक छोटी सी चूक पूरे इलाके को खतरे में डाल सकती है।
प्रशासन का कहना है कि ऐसे मामलों में अब किसी भी स्तर पर नरमी नहीं बरती जाएगी और निगरानी आगे और कड़ी की जाएगी।
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