• झांसी की पहली महिला ऑटो ड्राइवर की रहस्यमयी मौत
  • हादसा या हत्या, परिवार ने उठाए गंभीर सवाल
  • लूट के शक ने जांच को नई दिशा दी
  • महिला सुरक्षा पर फिर खड़े हुए सवाल
झांसी, 5 जनवरी 2026: बुंदेलखंड की वीरांगना और साहस की मिसाल कही जाने वाली झांसी की पहली महिला ऑटो ड्राइवर अनीता चौधरी (35) की रविवार रात संदिग्ध परिस्थितियों में दर्दनाक मौत हो गई। उनका खून से लथपथ शव सोमवार सुबह स्टेशन-सिविल लाइन रोड के पास पलटी हुई ऑटो रिक्शा के नीचे मिला। पुलिस शुरुआती जांच में इसे सड़क हादसा बता रही है लेकिन परिवार का दावा है कि यह लूटपाट के बाद हत्या है और अपराधियों ने हादसे का रूप देने के लिए ऑटो पलट दिया। अनीता चौधरी नवाबाद थाना क्षेत्र के तालपुरा (अंबेडकर नगर) की रहने वाली थीं। उन्होंने कोरोना काल में 2020 में फैक्ट्री की नौकरी छोड़कर ऑटो चलाने का साहसिक फैसला लिया था। परिवार के विरोध और बैंक लोन की मुश्किलों के बावजूद 2021 में उन्होंने अपना पहला ऑटो खरीदा और झांसी की पहली महिला ऑटो चालक बनकर इतिहास रचा। उनकी यह यात्रा संघर्ष, स्वाभिमान और महिलाओं के लिए प्रेरणा की कहानी थी। अनीता सुबह और रात की शिफ्ट में ऑटो चलाती थीं ताकि परिवार का पालन-पोषण कर सकें। परिवार के अनुसार रविवार रात करीब साढ़े नौ बजे अनीता रोज की तरह ऑटो लेकर घर से निकली थीं। देर रात करीब डेढ़ बजे मौत की सूचना मिली। शव मिलने पर उनके गहने, मोबाइल फोन और पर्स गायब थे। अनीता की बहन विनीता चौधरी ने कहा कि बहन इतनी सीधी-सादी थीं किसी से दुश्मनी नहीं थी। सिर्फ सिर पर चोट थी लेकिन सामान गायब होना लूट का संकेत है। हमें शक है कि लूट के बाद हत्या की गई और ऑटो पलटकर हादसे का रूप दिया गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। नवाबाद थाना प्रभारी ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सटीक कारणों का पता चलेगा। क्षेत्र के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। परिवार ने निष्पक्ष जांच और दोषियों को सजा की मांग की है। अनीता की मौत से पूरे झांसी में शोक की लहर है। वह न केवल परिवार की कमाई का सहारा थीं बल्कि महिलाओं के आत्मनिर्भरता की जीती-जागती मिसाल थीं। उनकी इस तरह की मौत ने महिलाओं की सुरक्षा पर फिर सवाल उठाए हैं। जांच आगे बढ़ने पर और खुलासे होने की उम्मीद है।