Haryana News: हिमाचल प्रदेश के नालागढ़ जा रही एक महिला के लिए सोमवार की सुबह अचानक डर और राहत से भरा पल लेकर आई। देहरादून से निकली कैब में उसका दो वर्षीय बेटा अनजाने में पीछे रह गया और वाहन करीब 15 किलोमीटर आगे बढ़ चुका था। लेकिन तुरंत हुई पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने एक बड़ी अनहोनी को टाल दिया।

जानकारी के मुताबिक, सुबह करीब 6 बजे महिला ने देहरादून से हिमाचल पहुंचने के लिए कैब बुक की थी। रास्ते में पिंजौर आते ही वह कुछ केले और जरूरी सामान लेने कैब से उतरी। बच्चे को व्यस्त रखने के लिए उसने मोबाइल फोन उसके हाथ में थमा दिया। उसी समय कैब ड्राइवर भी खरीदारी के लिए नीचे उतरा।

लेकिन चंद मिनटों बाद लौटते समय ड्राइवर वाहन में बैठते ही बिना पीछे देखे कैब स्टार्ट कर नालागढ़ की ओर बढ़ गया। महिला ने जब पीछे मुड़कर देखा कि वाहन वहीं नहीं है, तो उसका दिल दहल गया। घबराहट में उसने सुबह 10:30 बजे पुलिस को फोन कर मदद मांगी।Haryana News

डीसीपी पंचकूला सृष्टि गुप्ता के अनुसार, सूचना मिलते ही ईआरवी 526 टीम को हर दिशा में अलर्ट कर दिया गया। इंचार्ज रिषी कुमार के नेतृत्व में टीम ने कैब का पीछा शुरू किया और तकनीकी निगरानी के जरिए वाहन की संभावित लोकेशन ट्रैक की गई।Haryana News

इस बीच, एक उम्मीद तब जागी जब बच्चे ने मां का फोन रिसीव कर लिया। पुलिस ने तुरंत कॉल को ड्राइवर तक कनेक्ट कराया। ड्राइवर ने बताया कि उसने गलती से कार आगे बढ़ा दी थी और उसे पता नहीं चला कि बच्चा भीतर ही था। पुलिस ने उसे निर्देश दिए कि वह वहीं रुक जाए।Haryana News

करीब 15 किलोमीटर पीछा करने के बाद टीम ने कैब को रोक लिया। सब-इंस्पेक्टर रोशनलाल ने बताया कि जांच में किसी भी तरह की संदिग्ध मंशा नहीं मिली। स्थिति पूरी तरह लापरवाही की थी, अपराध की नहीं।

कुछ ही मिनटों बाद बच्चा अपनी मां की बाहों में था—थोड़ा डरा हुआ, लेकिन सुरक्षित। पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया और तकनीकी समन्वय ने एक साधारण सी चूक को बड़े हादसे में बदलने से बचा लिया।Haryana News