नई दिल्ली, 20 सितंबर 2025. प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (पीएमयूवाई) ने ग्रामीण भारत की महिलाओं के जीवन में क्रांति ला दी है. 2016 में शुरू हुई इस योजना के तहत गरीब परिवारों को मुफ्त एलपीजी कनेक्शन दिए जा रहे हैं जिससे महिलाओं को न सिर्फ सुविधा मिली है बल्कि उनकी सेहत और आत्मनिर्भरता को भी बढ़ावा मिला है.

छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले की रहने वाली राधिका बाई ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा,

इस योजना ने न केवल समय की बचत की है, बल्कि महिलाओं को अन्य कामों के लिए भी मौका दिया है. राधिका ने बताया,

उज्ज्वला योजना का असर स्वास्थ्य पर भी साफ दिखता है. धुएं से होने वाली बीमारियों जैसे खांसी और आंखों की जलन में कमी आई है. कोंडागांव की ही एक अन्य लाभार्थी, अनीता नेताम ने कहा,

यह योजना सामाजिक बदलाव का भी एक बड़ा माध्यम बनी है. ग्रामीण महिलाएं अब अपने दैनिक जीवन में ज्यादा आत्मविश्वास और स्वतंत्रता महसूस कर रही हैं. अनीता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करते हुए कहा,

देश भर में लाखों महिलाओं को इस योजना से जोड़ा जा चुका है. यह न सिर्फ उनके जीवन स्तर को बेहतर बना रही है बल्कि पर्यावरण को भी लाभ पहुंचा रही है क्योंकि लकड़ी और कोयले जैसे ईंधन का उपयोग कम हुआ है.

उज्ज्वला योजना आज भी केंद्र सरकार के प्रमुख कल्याणकारी कार्यक्रमों में से एक है जो ग्रामीण भारत में महिलाओं को सशक्त बनाने और उनके जीवन को आसान बनाने की दिशा में अहम भूमिका निभा रही है. -आईएएनएस