असम के ईंट भट्टे में बंधक बनाए गए बिहार के सात श्रमिक मुक्त
पटना, 10 दिसंबर (आईएएनएस)। असम के तिनसुकिया जिले के ईंट भट्ठा में बंधक बनाए गए बिहार के सारण जिले के अमनौर और मकेर थाना क्षेत्र के सात मजदूरों को मुक्त करा लिया गया है।
बताया गया कि यह कार्रवाई श्रम संसाधन विभाग, बिहार सरकार के सक्रिय हस्तक्षेप और लगातार की गई उच्चस्तरीय पहल का परिणाम है। ये सभी श्रमिक कौशल सिंह के स्वामित्व वाले चिमनी भट्ठे, ग्राम लिडु (थाना – मारग्रेटा) में काम करने गए थे, जहां भट्ठा मालिक ने उन्हें जबरन बंधक बनाकर रखा था।
मुक्त कराए गए श्रमिकों में संजय कुमार (18), गजेन्द्र महतो (32), राजकुमार महतो (60), गणेशी महतो (55), सनोज महतो (28), मुकेश नट (18) और सुरेश राम (36) शामिल हैं। सभी श्रमिकों ने बताया कि उनका मोबाइल जब्त कर लिया गया था, उनसे जबरन श्रम कराया जा रहा था और विरोध करने पर मारपीट भी की जा रही थी।
मामले की जानकारी श्रमिकों के परिजनों द्वारा मकेर प्रखंड की ग्राम पंचायत राज कैतुका नंदन की मुखिया के माध्यम से सारण जिला प्रशासन और श्रम संसाधन विभाग को दी गई थी। श्रमिकों के परिजनों ने पत्र लिखकर अपने परिजनों के बंधक बनाए जाने की पुष्टि की और तत्काल कार्रवाई की मांग की।
सूचना सत्यापित होने के बाद सारण के श्रम अधीक्षक द्वारा संयुक्त श्रमायुक्त, नई दिल्ली को कार्रवाई के लिए पत्र भेजा गया। मंत्रीस्तरीय निर्देश के बाद असम के संबंधित विभागों से संपर्क स्थापित किया गया और सभी श्रमिकों को सुरक्षित मुक्त कराया गया।
श्रम संसाधन विभाग ने भरोसा दिया है कि सभी श्रमिकों को सकुशल बिहार लाया गया है तथा दोषी चिमनी मालिक के विरुद्ध आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू की गई है। यह कार्रवाई उन हजारों प्रवासी श्रमिकों के लिए राहत का संदेश है, जो दूर राज्यों में काम करते हैं और अक्सर शोषण तथा बंधुआ श्रम का सामना करते हैं।
--आईएएनएस
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