• ईडन गार्डन्स टेस्ट में हुई टिप्पणी पर पंत और बुमराह ने बवुमा से मांगी माफी
  • साउथ अफ्रीकी कप्तान बोले— मैदान की बातें दिल में रखकर खेला, कोई रंजिश नहीं
  • कोच की विवादित टिप्पणी पर भी आया कप्तान का संतुलित बयान
  • 25 साल बाद भारत में टेस्ट सीरीज़ जीत, महीनों की प्लानिंग का नतीजा
Cricket Update (Vews News): कोलकाता के ईडन गार्डन्स में खेले गए पहले टेस्ट के दौरान एक ऐसा पल आया, जिसने मुकाबले की तीव्रता को अलग ही रंग दे दिया। साउथ अफ्रीका के कप्तान Temba Bavuma ने पहली बार सार्वजनिक रूप से बताया कि भारतीय टीम के दो सीनियर खिलाड़ी, Rishabh Pant और Jasprit Bumrah, ने उनसे मैदान पर कही गई बातों के लिए माफी मांगी थी। पहले दिन के खेल के दौरान स्टंप माइक में कैद हुई एक अपील के वक्त दोनों भारतीय खिलाड़ियों की बातचीत चर्चा में आ गई। यह शब्दावली भले ही उस समय विपक्षी कप्तान तक सीधे नहीं पहुंची, लेकिन मैच के बाद इसकी गूंज ड्रेसिंग रूम तक जरूर गई।

‘सम्मान बना रहे तो मुकाबला और बेहतर होता है’

बवुमा ने साफ किया कि उन्हें उस वक्त यह तक पता नहीं था कि मामला किस बात का है। बाद में टीम मैनेजमेंट से जानकारी मिलने के बाद तस्वीर पूरी तरह साफ हुई। उनका कहना था कि भारत के खिलाफ टेस्ट सीरीज़ हमेशा भावनात्मक और तीखी होती है, लेकिन जब खिलाड़ी खुद आकर माफी मांगते हैं, तो यह खेल की गरिमा को दर्शाता है। उन्होंने यह भी माना कि मैदान पर कही गई बातें भुलाना आसान नहीं होता, लेकिन वही बातें कई बार टीम को अतिरिक्त प्रेरणा भी देती हैं। उनके शब्दों में, कोई व्यक्तिगत रंजिश नहीं है, बस मुकाबले की गर्मी थी।

कोच की टिप्पणी पर भी कप्तान ने दिखाई परिपक्वता

दूसरे टेस्ट के दौरान हेड कोच शुक्री कॉनराड की एक टिप्पणी ने भी विवाद को जन्म दिया था। बवुमा ने माना कि उस शब्द के चुनाव से गलत संदेश गया। हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि मीडिया के सवालों के बीच कोच ने बाद में पूरे संदर्भ को स्पष्ट कर दिया और माना कि शब्द बेहतर चुना जा सकता था। कप्तान के मुताबिक, इस पूरे विवाद ने यह दिखाया कि यह टेस्ट सीरीज़ दोनों टीमों के लिए कितनी अहम और प्रतिस्पर्धी थी।

25 साल बाद भारत में ऐतिहासिक जीत की ठोस तैयारी

मैदान के बाहर की बातों से अलग, साउथ अफ्रीका की असली कहानी उनकी तैयारी में छिपी थी। बवुमा ने बताया कि भारत दौरे की योजना महीनों पहले शुरू हो चुकी थी। कोच और कप्तान के बीच लगातार चर्चा होती रही कि किस तरह की टीम चाहिए और किन हालात में कैसे खेलना है। यही वजह रही कि 2000 के बाद पहली बार साउथ अफ्रीका भारत में टेस्ट सीरीज़ जीत सका। बवुमा के मुताबिक, यह जीत सिर्फ एक सीरीज़ नहीं, बल्कि टीम के टेस्ट सफर में एक बड़ा पड़ाव है।