नई दिल्ली। देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो ने हाल के दिनों में हुई बड़े पैमाने पर फ्लाइट कैंसलेशन और देरी के संकट के बाद यात्रियों के प्रति अपनी जिम्मेदारी दिखाते हुए एक महत्वपूर्ण ऐलान किया है। कंपनी ने घोषणा की है कि 3, 4 और 5 दिसंबर 2025 को यात्रा करने वाले उन यात्रियों को जो एयरपोर्ट पर घंटों फंसे रहे और गंभीर रूप से प्रभावित हुए उन सभी को 10,000 रुपये का ट्रैवल वाउचर दिया जाएगा। यह वाउचर अगले 12 महीनों में किसी भी इंडिगो फ्लाइट के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। आपको बता दें कि इंडिगो का यह फैसला ऐसे समय में आया है जब इंडिगो नए पायलट ड्यूटी नियमों को लागू करने में आई दिक्कतों की वजह से भारी ऑपरेशनल चुनौतियों का सामना कर रही थी। हजारों फ्लाइट्स कैंसल होने से लाखों यात्री प्रभावित हुए – कई परिवार छुट्टियां मनाने जा रहे थे तो कुछ महत्वपूर्ण काम से यात्रा कर रहे थे। एयरपोर्ट पर लंबी कतारें, निराश चेहरे और फंसे हुए सामान की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हुईं, जिसने पूरे देश में हड़कंप मचा दिया। एक यात्री ने बताया: इंडिगो के प्रवक्ता ने बयान में कहा: यह मुआवजा सरकारी नियमों के तहत दिए जाने वाले अलग компенсаशन से अतिरिक्त है जिसमें 24 घंटे के अंदर कैंसल हुई फ्लाइट्स के लिए 5,000 से 10,000 रुपये तक का कैश कंपेंसेशन शामिल है। जानकारी के अनुसार इस बीच कंपनी ने बताया कि अब ऑपरेशंस सामान्य हो रहे हैं। गुरुवार को 1,950 से ज्यादा फ्लाइट्स ऑपरेट करने की योजना है जबकि सामान्य तौर पर विंटर शेड्यूल में रोजाना 2,200 से अधिक उड़ानें होती हैं। हालांकि डीजीसीए ने संकट को देखते हुए इंडिगो के विंटर शेड्यूल में 10 प्रतिशत कटौती का आदेश दिया है ताकि आगे रुकावटें कम हों। बेंगलुरु जैसे व्यस्त एयरपोर्ट से अभी भी कुछ कैंसलेशन हो रही हैं लेकिन संख्या काफी कम हो गई है। इंडिगो के सीईओ पीटर एल्बर्स को डीजीसीए ने हालिया रुकावटों पर विस्तृत रिपोर्ट सौंपने के लिए बुलाया था जहां उन्होंने सुधार के कदमों की जानकारी दी। कंपनी के चेयरमैन विक्रम मेहता ने भी माफी मांगते हुए कहा कि यह संकट आंतरिक प्लानिंग की गलतियों, मौसम और नए नियमों के मिश्रण से हुआ। यात्रियों के लिए यह घोषणा राहत की खबर है लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि इससे एयरलाइन इंडस्ट्री में पायलटों की थकान और सुरक्षा नियमों पर नई बहस छिड़ सकती है। इंडिगो अब तेजी से पायलट भर्ती कर रही है ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति न आए। अगर आप भी प्रभावित यात्रियों में हैं तो कंपनी से संपर्क कर वाउचर का दावा कर सकते हैं।