• लाड़की बहिन योजना की 17वीं किस्त जारी, लेकिन रकम को लेकर भ्रम
  • महिलाओं को 3,000 की उम्मीद थी, खाते में आए सिर्फ 1,500 रुपये
  • आचार संहिता और वित्त विभाग की मंजूरी बनी अड़चन
  • 18वीं किस्त को लेकर गांव से शहर तक सवाल ही सवाल
Ladki Bahin Yojana: राज्य में महिलाओं की आर्थिक मजबूती के लिए शुरू की गई लाड़की बहिन योजना एक बार फिर चर्चा में है। योजना से जुड़ी लाखों महिलाओं को इस बार उम्मीद थी कि नए साल की शुरुआत उनके लिए थोड़ी राहत लेकर आएगी। घर के खर्च, बच्चों की जरूरतें और रोजमर्रा की जिम्मेदारियों को देखते हुए 3,000 रुपये की राशि उनके लिए काफी मायने रखती थी। लेकिन जब बैंक से मैसेज आया, तो खुशी के साथ सवाल भी आ गया। खाते में सिर्फ 1,500 रुपये देखकर कई महिलाएं हैरान रह गईं। गांवों से लेकर शहरों तक एक ही चर्चा शुरू हो गई कि बाकी के 1,500 रुपये आखिर कहां अटक गए।

3,000 की घोषणा, लेकिन खाते में आधी रकम

दरअसल, पहले यह जानकारी सामने आई थी कि इस बार महिलाओं को दो महीनों की संयुक्त किस्त दी जाएगी। यानी पिछली बकाया राशि और चालू महीने की किस्त मिलाकर कुल 3,000 रुपये सीधे खाते में आने थे। इसी भरोसे पर कई परिवारों ने अपने छोटे-बड़े खर्चों की योजना भी बना ली थी। Ladki Bahin Yojana यह भी पढ़ें: PMAY-U 2.0: शहरों में घर खरीदने या किराए पर लेने वालों को बड़ी राहत, जानिए पूरी खबर लेकिन हकीकत में जब 17वीं किस्त जारी हुई तो अधिकतर महिलाओं को सिर्फ नवंबर महीने की 1,500 रुपये की राशि ही मिली। इससे भ्रम की स्थिति और गहरी हो गई।

18वीं किस्त पर क्यों लगा ब्रेक

सरकारी स्तर पर साफ किया गया है कि अभी केवल नवंबर महीने की किस्त जारी की गई है। दिसंबर महीने की 18वीं किस्त फिलहाल लंबित है। इसकी सबसे बड़ी वजह प्रशासनिक प्रक्रिया और वित्त विभाग से जुड़ी मंजूरी बताई जा रही है। इसके साथ ही राज्य में लागू आदर्श आचार संहिता ने भी स्थिति को और जटिल बना दिया है। आचार संहिता के दौरान नई राशि जारी करने के लिए विशेष अनुमति की जरूरत होती है जो फिलहाल नहीं मिल पाई है। Ladki Bahin Yojana

महिलाओं की बढ़ती चिंता और सरकार की तैयारी

कई महिलाओं का कहना है कि वे इस रकम पर निर्भर रहती हैं। छोटी-छोटी जरूरतों के लिए यह पैसा उनके आत्मसम्मान और आत्मनिर्भरता से जुड़ा है। ऐसे में किस्त में देरी उनकी मुश्किलें बढ़ा रही है। Ladki Bahin Yojana सरकारी अधिकारियों के अनुसार, चुनावी प्रक्रिया पूरी होते ही लंबित किस्त पर फैसला लिया जाएगा। तैयारी स्तर पर काम चल रहा है लेकिन अंतिम मंजूरी जनवरी के मध्य के बाद ही संभव मानी जा रही है। इसी वजह से अभी केवल 1,500 रुपये ही खाते में पहुंचे हैं और बाकी रकम के लिए थोड़ा इंतजार करना पड़ेगा।