• मुफ्त अनाज पर संकट
  • ई-केवाईसी अनिवार्य
  • फर्जी कार्डधारकों की पहचान
  • बायोमेट्रिक सत्यापन प्रक्रिया

नई दिल्ली: अगर आपके घर में भी सरकारी राशन आता है, तो यह खबर आपके लिए सबसे जरूरी है। भारत सरकार के खाद्य और सार्वजनिक वितरण विभाग ने साल 2026 के लिए एक ऐसी लक्ष्मण रेखा खींच दी है, जिसे पार न करने पर आपकी रसोई का बजट बिगड़ सकता है। सरकार ने साफ कर दिया है कि देश के हर राशन कार्ड धारक को 28 फरवरी 2026 तक अपनी ई-केवाईसी (e-KYC) प्रक्रिया पूरी करनी होगी।

यह कोई सामान्य अपडेट नहीं है; बल्कि एक तरह की डिजिटल छंटनी है। अगर आप इस तारीख तक सत्यापन नहीं कराते हैं, तो 1 मार्च 2026 से आपके परिवार को मिलने वाला मुफ्त गेहूं और चावल पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा।

क्यों पड़ी इस 'सफाई अभियान' की जरूरत?

दरअसल, सरकार के पास ऐसी कई शिकायतें पहुंची थीं जिनमें संपन्न परिवार भी गरीबों के हक का अनाज उठा रहे थे। कई मामलों में तो उन लोगों के नाम पर भी राशन लिया जा रहा है, जिनकी मृत्यु सालों पहले हो चुकी है। सरकारी खजाने पर पड़ने वाले इस अतिरिक्त और नाजायज बोझ को कम करने के लिए ही यह 'ई-केवाईसी' का हथियार इस्तेमाल किया जा रहा है।

उत्तर प्रदेश और पंजाब जैसे बड़े राज्यों में प्रारंभिक जांच के दौरान हजारों ऐसे कार्ड मिले हैं, जो कागजों पर तो जिंदा थे लेकिन हकीकत में उनका अस्तित्व ही नहीं था। इस सख्ती से न केवल खरबों रुपये की बचत होगी, बल्कि वह पैसा स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी अन्य जरूरी सेवाओं में इस्तेमाल हो सकेगा।

सावधान! 6 महीने राशन नहीं लिया तो कार्ड होगा 'ब्लॉक'

सरकार ने इस बार नियमों को और कड़ा किया है। अब सिर्फ केवाईसी ही काफी नहीं है। यदि कोई कार्डधारक लगातार 6 महीने तक राशन की दुकान पर नहीं जाता है, तो सिस्टम उसे 'निष्क्रिय' यानी इन-एक्टिव मान लेगा। इसका सीधा मतलब है कि सरकार यह मान लेगी कि आपको मुफ्त अनाज की जरूरत नहीं है और आपका नाम सूची से हटा दिया जाएगा।

कैसे करें ई-केवाईसी?

(घर बैठे या दुकान पर) प्रक्रिया को लेकर पैनिक होने की जरूरत नहीं है। सरकार ने इसके दो बेहद आसान रास्ते दिए हैं:

  1. ई-पोस (e-PoS) मशीन: आप अपने नजदीकी राशन डीलर के पास जाकर आधार कार्ड के जरिए अपना अंगूठा (बायोमेट्रिक) लगाकर सत्यापन करा सकते हैं।

  2. ऑनलाइन पोर्टल: यदि आपका मोबाइल नंबर आधार से लिंक है, तो आप विभाग की आधिकारिक वेबसाइट या मोबाइल ऐप पर ओटीपी (OTP) के जरिए भी घर बैठे यह काम कर सकते हैं।

यह पूरी प्रक्रिया पूरी तरह से निःशुल्क है। अगर कोई भी राशन डीलर या बिचौलिया इसके बदले आपसे पैसों की मांग करता है, तो आप तुरंत टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर पर इसकी शिकायत दर्ज कराएं। यह आपकी पात्रता का अधिकार है, इसके लिए पैसे न दें।