PNB FD Scheme: देश में ब्याज दरों को लेकर माहौल बदल रहा है। RBI ने हाल ही में रेपो रेट में 0.25% की कटौती कर दी जिससे यह 5.25% पर आ गई है। बाज़ार के जानकार मान रहे हैं कि इस फैसले का असर जल्द ही बैंकों की डिपॉज़िट योजनाओं पर दिख सकता है। ऐसे समय में सरकारी बैंक पंजाब नेशनल बैंक (PNB) अपनी स्थिर और सुरक्षित कमाई वाली FD स्कीमों को लेकर फिर सुर्खियों में है। दिलचस्प बात यह है कि RBI की कटौती के बावजूद PNB ने अभी तक अपने FD रेट बदले नहीं हैं लेकिन बैंकिंग सेक्टर में चर्चा तेज है कि आने वाले हफ्तों में ब्याज दरों में फेरबदल हो सकता है। ऐसे में निवेशक वर्तमान दरों पर FD लॉक करने को एक बेहतर अवसर मान रहे हैं।

कौन-सी FD स्कीम सबसे ज़्यादा फायदे में?

PNB 7 दिनों से लेकर 10 साल तक की अवधि के लिए फिक्स्ड डिपॉज़िट की सुविधा देता है। इस समय बैंक 3% से 7.30% तक ब्याज दे रहा है। निवेशकों के बीच सबसे लोकप्रिय प्लान 390 दिनों और 3 साल वाली FD हैं क्योंकि इनमें ब्याज दरें आकर्षक हैं और जोखिम बिल्कुल भी नहीं है। 390 Days FD: इसमें सामान्य ग्राहको को 6.50%, वरिष्ठ नागरिकों को 7.00% ओर अति वरिष्ठ नागरिक की श्रेणी में आने वाले नागरिकों को 7.30% ब्याज दर का लाभ मिलता है। यह स्कीम खासकर उन लोगों के लिए कारगर है जो एक साल के भीतर सुरक्षित रिटर्न चाहते हैं। 3 Year FD: 3 साल की FD सच्चे भी ग्राहकों को स्थिरता देने के साथ अच्छा ब्याज भी देती है। इसमें सामान्य नागरिकों को 6.40%, वरिष्ठ नागरिक को 6.90% ओर अति वरिष्ठ नागरिक की श्रेणी वालों को 7.00% ब्याज मिलता है। PNB की तीन साल वाली योजना लंबे समय का भरोसा और बेहतर रिटर्न दोनों देती है ओर यही वजह है कि इस अवधि का विकल्प निवेशकों में सबसे ज़्यादा चुना जाता है।

1 लाख रुपये पर कितना मुनाफा होगा?

अगर कोई ग्राहक 3 साल के लिए ₹1 लाख जमा करता है तो रिटर्न कुछ इस तरह मिलता है: सामान्य नागरिक को इसमें मैच्योरिटी पर ₹1,20,983 जिसमें ब्याज ₹20,983 होता है। वरिष्ठ नागरिक को मैच्योरिटी पर कुल ₹1,22,781 ओर इसमें ब्याज ₹22,781 रहता है। इसके अलावा अति वरिष्ठ नागरिक को मैच्योरिटी ₹1,23,872 मिलते है जिसमें ब्याज ₹23,872 रहता है। इन आंकड़ों से साफ है कि FD से कमाई भले धीरे-धीरे बढ़ती हो लेकिन जोखिम शून्य होने के कारण यह आज भी भारत के सबसे पसंदीदा निवेश विकल्पों में से एक है। विशेषज्ञों का मानना है कि RBI के फैसले बाद बैंकों पर ब्याज दरों में बदलाव का दबाव बढ़ेगा। ऐसे में निवेशक अभी के रेट पर लॉक-इन करके खुद को आने वाली संभावित कटौतियों से बचा सकते हैं। अर्थात यदि सुरक्षित कमाई चाहिए तो यह वक्त FD पर नज़र डालने का है। डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में बताई गई सभी बातें ओर गणना सामान्यतः जनमानस की जानकारी मात्र के लिए है ओर इसको किसी भी प्रकार से निवेश की सलाह के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।