₹18 हजार से ₹69 हजार सैलरी! 8वें वेतन आयोग का धमाका, फिटमेंट फैक्टर 3.86 से बदलेगी किस्मत

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Vews Ai Verified Media or Organization • 27 Feb, 2026 Editor
Dec 26, 2025 • 5:55 PM
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₹18 हजार से ₹69 हजार सैलरी! 8वें वेतन आयोग का धमाका, फिटमेंट फैक्टर 3.86 से बदलेगी किस्मत
ोग का धमाका, फिटमेंट फैक्टर 3.86 से बदलेगी किस्मत
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₹18 हजार से ₹69 हजार सैलरी! 8वें वेतन आयोग का धमाका, फिटमेंट फैक्टर 3.86 से बदलेगी किस्मत
  • 31 दिसंबर को खत्म हो रहा 7वां वेतन आयोग
  • फिटमेंट फैक्टर 3.86 से चपरासी की सैलरी होगी ₹69,480
  • मंजीत पटेल ने 2.64 को बताया व्यावहारिक
  • बेसिक के साथ DA, HRA और दूसरे भत्ते भी बढ़ेंगे
8th Pay Commission: केंद्रीय कर्मचारियों के बीच इन दिनों एक ही चर्चा है। 31 दिसंबर यानी महज पांच दिन बाद 7वां वेतन आयोग अपना कार्यकाल पूरा कर लेगा। इसके साथ ही नए साल की पहली तारीख से 8वां वेतन आयोग लागू होने की उम्मीदें तेज हो गई हैं। लाखों सरकारी कर्मचारी और पेंशनर्स अब सिर्फ एक सवाल पूछ रहे हैं - आखिर इस बार सैलरी कितनी बढ़ेगी?

फिटमेंट फैक्टर पर अटकी है असली बात

ऑल इंडिया एनपीएस इम्प्लॉई फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष मंजीत पटेल ने हाल ही में इस मुद्दे पर खुलकर बात की है। जब उनसे पूछा गया कि क्या फिटमेंट फैक्टर 3.86 या उससे भी ज्यादा हो सकता है, तो उन्होंने साफ कहा, "सरकार चाहे तो 4.0 भी कर सकती है, लेकिन हमारा कैलकुलेशन 2.64 के आसपास है।" पटेल का मानना है कि 2.64 का फिटमेंट फैक्टर वाजिब और व्यावहारिक है। इससे सरकारी खजाने पर अनावश्यक बोझ नहीं पड़ेगा और साथ ही कर्मचारियों को राहत भी मिलेगी। लेकिन सवाल यह है कि अगर फिटमेंट फैक्टर 3.86 हुआ तो कर्मचारियों की जेब पर क्या असर होगा?

चपरासी से लेकर IAS तक की सैलरी में होगा बड़ा उछाल

फिटमेंट फैक्टर 3.86 के आधार पर जब गणना की जाती है तो आंकड़े चौंकाने वाले हैं। लेवल-1 पर काम करने वाले चपरासी की बेसिक सैलरी फिलहाल 18 हजार रुपये है। नए वेतन आयोग के बाद यह सीधे 69,480 रुपये तक पहुंच सकती है। इसी तरह लेवल-5 के कर्मचारी की सैलरी 29,200 से बढ़कर 1,12,712 रुपये हो सकती है। लेवल-10 में 56,100 रुपये पाने वाले कर्मचारी की सैलरी 2,16,546 रुपये तक जा सकती है। सबसे बड़ा उछाल लेवल-18 पर देखने को मिलेगा, जहां IAS अधिकारियों की बेसिक सैलरी 2.5 लाख रुपये से बढ़कर 9.65 लाख रुपये तक पहुंच सकती है।

लेवल-12 और लेवल-13 में भी जबरदस्त इजाफा

लेवल-12 के अधिकारियों को वर्तमान में 78,800 रुपये मिल रहे हैं। नए फिटमेंट फैक्टर के साथ यह रकम 3,04,168 रुपये हो सकती है। वहीं लेवल-13 पर दो अलग स्लैब हैं। पहले स्लैब में 1,18,500 रुपये पाने वाले कर्मचारियों की सैलरी 4,57,410 रुपये और दूसरे स्लैब में 1,31,100 रुपये पाने वालों की सैलरी 5,06,046 रुपये तक जा सकती है। लेवल-15, 16 और 17 में भी बड़ी छलांग दिखेगी। लेवल-17 के अधिकारी जो अभी 2.25 लाख रुपये पा रहे हैं, उनकी सैलरी 8,68,500 रुपये तक पहुंच सकती है।

फिटमेंट फैक्टर आखिर है क्या चीज?

बहुत से लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि आखिर यह फिटमेंट फैक्टर क्या होता है। सीधे शब्दों में कहें तो यह एक गुणक है। आपकी मौजूदा बेसिक सैलरी को इसी संख्या से गुणा करके नई बेसिक सैलरी तय की जाती है। जितना ऊंचा फिटमेंट फैक्टर, उतनी ही ज्यादा बढ़ोतरी। मान लीजिए किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी 50 हजार रुपये है और फिटमेंट फैक्टर 2.64 तय होता है तो हिसाब कुछ ऐसा होगा - 50,000 गुणा 2.64 यानी 1,32,000 रुपये। लेकिन अगर फिटमेंट फैक्टर 3.86 हुआ तो यही सैलरी 1,93,000 रुपये तक पहुंच जाएगी।

किन बातों पर निर्भर करता है फिटमेंट फैक्टर?

एक्सपर्ट्स बताते हैं कि फिटमेंट फैक्टर तय करना कोई आसान काम नहीं है। इसमें कई आर्थिक और संस्थागत पहलुओं को ध्यान में रखा जाता है। सबसे पहले देखा जाता है कि पिछले कुछ सालों में महंगाई कितनी बढ़ी है। CPI और CPI-IW के आंकड़े इसमें अहम भूमिका निभाते हैं। दूसरा सरकार की वित्तीय स्थिति और बजट की क्षमता भी मायने रखती है। आखिर सरकार पर कितना वेतन खर्च का बोझ आएगा, यह देखना जरूरी है। इसके अलावा प्राइवेट सेक्टर में मिलने वाली सैलरी से भी तुलना की जाती है। मार्केट बेंचमार्क और इंडस्ट्री सर्वे के आंकड़े भी देखे जाते हैं।

2026 से लागू होगी नई सैलरी या और इंतजार?

तकनीकी रूप से देखें तो 1 जनवरी 2026 से नई सैलरी लागू होने की संभावना है। लेकिन व्यावहारिक पहलू कुछ अलग है। सरकार को 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों को स्वीकार करने और लागू करने में आमतौर पर करीब दो साल का समय लगता है। मतलब असली बढ़ोतरी 2027 या 2028 में देखने को मिल सकती है। हालांकि इसकी एक अच्छी बात भी है। जब भी सैलरी बढ़ेगी, कर्मचारियों को 1 जनवरी 2026 से लेकर उस समय तक का एरियर एकमुश्त मिलेगा। यह रकम काफी मोटी हो सकती है।

सुरेंदर पाठक ने 3.86 और 4.0 पर क्या कहा?

सुरेंदर पाठक ने अपनी बात रखते हुए साफ किया कि 3.86 या 4.0 जैसे आंकड़े सुनने में तो अच्छे लगते हैं लेकिन जमीनी हकीकत अलग है। उनके शब्दों में - ये संख्याएं लोगों को अच्छा महसूस कराने के लिए कही जाती हैं लेकिन इनमें दम नहीं है। 2.64 का फिटमेंट फैक्टर ऐसा है जिससे सरकार को कोई परेशानी नहीं होगी और निचले स्तर के कर्मचारियों को सीधी राहत मिलेगी। पाठक का तर्क है कि बहुत ऊंचा फिटमेंट फैक्टर सरकारी खजाने पर भारी पड़ सकता है। इससे या तो सिफारिशों को लागू करने में देरी होगी या फिर कुछ समझौता करना पड़ सकता है।

सिर्फ बेसिक नहीं बल्कि कुल कमाई में भी होगा इजाफा

यह समझना जरूरी है कि फिटमेंट फैक्टर सिर्फ बेसिक सैलरी पर लागू नहीं होता। इसका असर महंगाई भत्ता, मकान किराया भत्ता और दूसरे अलाउंस पर भी पड़ता है। क्योंकि ये सारे भत्ते बेसिक सैलरी के प्रतिशत के रूप में तय होते हैं। जैसे ही बेसिक बढ़ेगी, ये सब भी अपने आप बढ़ जाएंगे। मतलब कर्मचारी की कुल मासिक आमदनी में काफी बड़ा उछाल देखने को मिल सकता है। पेंशनर्स के लिए भी यही फॉर्मूला लागू होगा।

आगे अब इन्तजार करना ही सही होगा

फिलहाल सभी की निगाहें सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं। 31 दिसंबर के बाद क्या होता है यह देखना दिलचस्प होगा। कर्मचारी संगठन लगातार अपनी मांगें उठा रहे हैं। वे चाहते हैं कि फिटमेंट फैक्टर कम से कम 2.64 जरूर हो। कुछ संगठन तो 3.0 या उससे ऊपर की मांग कर रहे हैं। लेकिन आखिरी फैसला सरकार का ही होगा। वह देश की आर्थिक स्थिति, राजकोषीय घाटा और दूसरी प्राथमिकताओं को देखते हुए फैसला लेगी।

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