Coal Mine Workers के लिए सरकार लाई नया Provident Fund Bill 2025, अब बिना रुकावट मिलेगा PF और मिलेगी Women Representation की गारंटी

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Editorial Team Verified Public Figure • 28 Feb, 2026 Editor
Oct 8, 2025 • 5:56 PM
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Coal Mine Workers के लिए सरकार लाई नया Provident Fund Bill 2025, अब बिना रुकावट मिलेगा PF और मिलेगी Women Representation की गारंटी
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Coal Mine Workers के लिए सरकार लाई नया Provident Fund Bill 2025, अब बिना रुकावट मिलेगा PF और मिलेगी Women Representation की गारंटी

केंद्र सरकार ने कोयला खदान कर्मचारियों (Coal Mine Workers) के लिए एक नया कानून पेश किया है, जो 1948 के पुराने एक्ट को रिप्लेस करेगा. यह नया ड्राफ्ट बिल (Coal Mines Employees’ Provident Fund Bill 2025) लाखों मजदूरों की सामाजिक सुरक्षा (Social Security) और भविष्य निधि (Provident Fund) को मजबूत करने के लिए लाया गया है. सरकार ने इस पर जनता से राय मांगी है ताकि इसे और बेहतर बनाया जा सके. आइए जानते हैं इस बिल से क्या-क्या बदलने वाला है.

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नया कानून क्यों जरूरी?

पिछले सात दशकों से कोयला खदानों में काम करने वाले मजदूरों (Coal Mine Workers) के लिए 1948 का Coal Mines Provident Fund Act लागू था. उस समय यह कानून PF, पेंशन (Pension) और इंश्योरेंस जैसी सुविधाएं देने के लिए बनाया गया था. लेकिन अब डिजिटलाइजेशन (Digitization), लेबर कोड्स (Labour Codes) और जेंडर इक्विटी (Gender Equity) जैसे नए दौर की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इसे अपडेट करने की जरूरत थी.

5 बड़े बदलाव जो लाएंगे सुधार

  1. नया बोर्ड, ज्यादा पारदर्शिता पुराने बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज की जगह अब Coal Mines Employees’ Provident Fund Board बनेगा. यह बोर्ड निगरानी और पारदर्शिता (Transparency) को बढ़ाएगा, जिससे PF का प्रबंधन और जवाबदेही बेहतर होगी.

  2. महिलाओं को मिलेगा प्रतिनिधित्व नए कानून में यह अनिवार्य किया गया है कि कर्मचारी प्रतिनिधि समिति में कम से कम एक महिला सदस्य होगी. इससे जेंडर बैलेंस (Gender Balance) और समावेशिता (Inclusivity) को बढ़ावा मिलेगा.

  3. PF की समय पर वसूली अब कंपनियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि कर्मचारियों का PF समय पर जमा हो. इससे मजदूरों को उनके रिटायरमेंट फंड (Retirement Fund) में देरी की समस्या नहीं होगी.

  4. जुर्माने में बदलाव पुराने कानून में कई गलतियों के लिए जेल की सजा थी. अब इसे आंशिक रूप से डिक्रिमिनलाइज (Decriminalized) किया गया है. यानी जेल की बजाय आर्थिक जुर्माना (Financial Penalty) लगेगा.

  5. नया अधिकारी तय करेगा सजा एक नया एडजुडिकेटिंग ऑफिसर (Adjudicating Officer) नियुक्त होगा, जो गलतियों की जांच करेगा और जुर्माना तय करेगा. इससे प्रक्रिया और पारदर्शी होगी.

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लेबर कोड्स से जोड़ा गया

यह बिल हाल के चार अहम लेबर कोड्स (Labour Codes) को ध्यान में रखकर बनाया गया है:

  • Code on Social Security (2020)

  • Occupational Safety, Health and Working Conditions Code (2020)

  • Industrial Relations Code (2020)

  • Code on Wages (2019)

इन कोड्स के जरिए मजदूरों के वेतन (Wages), सुरक्षा (Safety) और काम के घंटों (Working Hours) को पहले ही आधुनिक बनाया जा रहा है. अब कोयला क्षेत्र के कर्मचारियों के लिए भी यही कोशिश हो रही है.

कोयला क्षेत्र के लिए क्यों अहम?

भारत में कोयला खदानों (Coal Mines) में करीब 3.5 लाख से ज्यादा मजदूर काम करते हैं. लाखों परिवारों की आजीविका इस क्षेत्र पर निर्भर है. ऐसे में उनके PF, पेंशन और सामाजिक सुरक्षा (Social Security) को अपडेट करना जरूरी हो गया था. इस बिल से डिजिटल सिस्टम (Digital System) के जरिए PF खातों का प्रबंधन और निपटान आसान होगा.

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सरकार का अगला कदम

कोयला मंत्रालय (Ministry of Coal) ने सभी स्टेकहोल्डर्स और आम लोगों से इस बिल पर सुझाव मांगे हैं. सरकार का कहना है कि यह कानून मजदूरों की आर्थिक स्थिरता (Economic Stability) और सुरक्षा को बढ़ाएगा. उम्मीद है कि यह बिल कोयला खदान कर्मचारियों का भविष्य और सुरक्षित बनाएगा.

Editorial Team Verified Public Figure • 28 Feb, 2026 Editor

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