सोना-चांदी के दामों में 8,000 रुपये की जोरदार गिरावट: क्या अब खरीदने का सही समय आ गया?

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News Verified Public Figure • 27 Feb, 2026 Editor
Nov 24, 2025 • 8:19 AM
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सोना-चांदी के दामों में 8,000 रुपये की जोरदार गिरावट: क्या अब खरीदने का सही समय आ गया?
ोरदार गिरावट: क्या अब खरीदने का सही समय आ गया?
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सोना-चांदी के दामों में 8,000 रुपये की जोरदार गिरावट: क्या अब खरीदने का सही समय आ गया?
Gold Silver Rate: दिवाली के ठीक बाद से ही सोने और चांदी के दामों में ऊंच-नीच का दौर चल रहा था, लेकिन पिछले हफ्ते यह गिरावट ने सबको चौंका दिया। जहां पहले ये रिकॉर्ड ऊंचाई छू रहे थे, वहीं अब ये तेजी से नीचे लुढ़क आए हैं। आज, 24 नवंबर 2025 को, बाजार में सोने का भाव 1,23,150 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास टिक रहा है, जो एक हफ्ते पहले के मुकाबले 1,600 रुपये से ज्यादा नीचे है। इसी तरह चांदी के दामों में 8,200 रुपये की भारी गिरावट आई है और यह अब 1,51,000 रुपये प्रति किलो के करीब पहुंच गई है। यह बदलाव न सिर्फ घरेलू बाजार को हिला रहा है, बल्कि पूरी दुनिया के निवेशकों की नजरें भी इसी पर टिकी हैं।

घरेलू बाजार में कितना असर, एक नजर डालें

भारत में सोना हमेशा से ही निवेश और जेवरातों का पहला चुनाव रहा है, लेकिन इस हफ्ते की गिरावट ने कई लोगों के प्लान बिगाड़ दिए। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन के अनुसार, 24 कैरेट सोने का दाम 10 ग्राम के लिए 1,23,146 रुपये हो गया है, जो पहले 1,24,794 रुपये था। अगर आप 22 कैरेट सोना देख रहे हैं, तो यह 2,500 रुपये कम होकर 1,12,802 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया, जबकि पहले यह 1,14,311 रुपये था। 18 कैरेट वाले सोने में भी 1,200 रुपये की कमी आई है, जो अब 92,360 रुपये प्रति 10 ग्राम बिक रहा है। चांदी की बात करें तो एक हफ्ते में यह 8,238 रुपये गिरकर 1,51,129 रुपये प्रति किलो पर सेटल हुई, जो पहले 1,59,367 रुपये थी। ये आंकड़े बताते हैं कि बाजार में तेजी से बदलाव आ रहा है, और छोटे-बड़े निवेशक अब सोच में पड़ गए हैं।

दुनिया भर में भी दाम क्यों लुढ़के, वैश्विक बाजार की कहानी

यह गिरावट सिर्फ भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजार भी इससे प्रभावित हो रहा है। कॉमेक्स पर सोने का भाव 4,080 डॉलर प्रति औंस तक गिर गया है, जबकि चांदी 50 डॉलर प्रति औंस के आसपास नजर आ रही है। ये स्तर कई महीनों के बाद इतने नीचे आए हैं, जब सोना-चांदी रिकॉर्ड तोड़ रहे थे। वैश्विक स्तर पर निवेशक अब सुरक्षित संपत्तियों से दूर हो रहे हैं, क्योंकि बाजार में स्थिरता के संकेत मिल रहे हैं। कुल मिलाकर, पिछले कुछ महीनों की ऊंचाई के बाद यह सुधार बाजार को संतुलित करने का काम कर रहा लगता है।

गिरावट के पीछे छिपे राज, वैश्विक तनाव से राहत तक

सोने-चांदी के दामों में यह अचानक उतार वैश्विक घटनाओं का नतीजा है। सबसे बड़ी वजह है दुनिया भर में तनाव का कम होना। रूस-यूक्रेन जैसे मुद्दों पर कुछ शांति के संकेत मिले हैं, जिससे लोग सुरक्षित निवेश से हटकर जोखिम भरे विकल्पों की ओर बढ़ रहे हैं। अमेरिकी सरकार ने कुछ वस्तुओं पर टैरिफ घटाने का फैसला लिया, जो सोने-चांदी पर अतिरिक्त दबाव डाल रहा है। इसके अलावा, अमेरिका में दिसंबर में ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदें कम हो गई हैं। नॉन-फार्म पेरोल डेटा मजबूत आने से फेडरल रिजर्व के फैसले पर असर पड़ा, और डॉलर मजबूत हो गया। भारत में रुपया डॉलर के मुकाबले थोड़ा कमजोर है, जिससे घरेलू दाम वैश्विक स्तर की तुलना में कम गिरे। लेकिन कुल मिलाकर, ये कारक मिलकर बाजार को नीचे खींच रहे हैं।

आगे क्या हो सकता है, निवेशकों के लिए संकेत

जानकारों का मानना है कि यह गिरावट अस्थायी हो सकती है, लेकिन सतर्क रहना जरूरी है। सोने के दाम अगले कुछ दिनों में 1.20 लाख से 1.24 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के दायरे में घूम सकते हैं। चांदी भी इसी तरह स्थिर रहने की संभावना है। अगर वैश्विक तनाव फिर बढ़े या ब्याज दरों में कटौती हो, तो ये दाम ऊपर की ओर मुड़ सकते हैं। लेकिन अभी के माहौल में, जो लोग जेवरात या निवेश की सोच रहे हैं, उनके लिए यह खरीदने का अच्छा मौका हो सकता है। बाजार की चाल पर नजर रखें क्योंकि छोटे बदलाव भी बड़ा असर डाल सकते हैं। कुल मिलाकर, सोना-चांदी अभी भी लंबे समय के लिए मजबूत विकल्प बने हुए हैं।

News Verified Public Figure • 27 Feb, 2026 Editor

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