हरियाणा के 1.20 लाख Contract कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी! CM नायब सैनी ने लॉन्च किया Job Security Portal
- 1.20 लाख अनुबंध कर्मचारियों को मिलेगी नौकरी की गारंटी
- 31 जनवरी तक रजिस्ट्रेशन अनिवार्य
- 30 अप्रैल तक पूरा होगा पूरा प्रोसेस
- चार चरणों में होगी वेरिफिकेशन और अप्रूवल की कार्रवाई
एक साल से हो रही थी प्रतीक्षा
राज्य भर में फैले ये कर्मचारी पिछले एक वर्ष से इस दिन का इंतजार कर रहे थे। कई लोगों ने तो अपने परिवार की योजनाएं भी इसी आस में टाल रखी थीं कि पहले नौकरी पक्की हो जाए। अब जब ये पोर्टल चालू हो गया है, तो राहत की लहर पूरे प्रदेश में देखी जा रही है। दो दिन पहले ही इसकी पुष्टि हो गई थी। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने एक आधिकारिक पत्र जारी कर दिया था, जिसमें साफ-साफ लिखा था कि अब सारा काम डिजिटल होगा। पुराने तरीके अब काम नहीं आएंगे। न कागजी आवेदन, न ऑफलाइन दफ्तर के चक्कर।पारदर्शिता पर जोर
रस्तोगी के पत्र में एक बात बार-बार दोहराई गई थी - पारदर्शिता। सरकार नहीं चाहती कि इस योजना में किसी भी तरह की धांधली या भाई-भतीजावाद की गुंजाइश रहे। इसीलिए जो भी आवेदन होगा, वो सिस्टम में दर्ज होगा। जो भी फैसला होगा, उसका रिकॉर्ड रहेगा। सटीकता और एकरूपता - ये दो शब्द इस पूरे अभियान के मूल मंत्र हैं। किसी भी स्थिति में भौतिक आवेदन या ऑफलाइन दिया गया कोई भी दस्तावेज स्वीकार नहीं किया जाएगा। यह नियम सख्ती से लागू होगा।चार चरणों में पूरा होगा काम
इस पूरी प्रक्रिया को चार अहम चरणों में बांटा गया है। हर चरण की एक तय समय-सीमा है। पहला चरण: रजिस्ट्रेशन और दस्तावेज़ जमा करना - 31 जनवरी 2025 तक सभी पात्र अनुबंध कर्मचारियों को पोर्टल पर खुद को रजिस्टर करना होगा। साथ ही जरूरी दस्तावेज भी अपलोड करने होंगे। यह समय सीमा बेहद अहम है। जो लोग इसे मिस कर देंगे उन्हें बाद में परेशानी हो सकती है।अधिकारियों का कहना है कि दस्तावेज साफ और सही होने चाहिए। स्कैन की गई कॉपी अच्छी क्वालिटी की होनी चाहिए वरना वेरिफिकेशन में दिक्कत आ सकती है। दूसरा चरण: सर्विस रिकॉर्ड की जांच - 28 फरवरी तक आहरण एवं संवितरण अधिकारी यानी DDO की जिम्मेदारी होगी कि वो हर कर्मचारी के सेवा रिकॉर्ड को वेरिफाई करें। ये देखा जाएगा कि कर्मचारी ने कितने साल काम किया है उसकी ड्यूटी का रिकॉर्ड क्या है और क्या वो सभी शर्तों को पूरा करता है। यह चरण काफी संवेदनशील है क्योंकि यहीं पर तय होगा कि किस कर्मचारी को आगे बढ़ाया जाए और किसे नहीं। तीसरा चरण: पोस्ट का सृजन - 31 मार्च तक वित्त विभाग को एक बड़ी जिम्मेदारी दी गई है। उन्हें पात्र कर्मचारियों के लिए सुपरन्यूमेरेरी पोस्ट बनानी होंगी। यह एक तकनीकी प्रक्रिया है, लेकिन सरल भाषा में कहें तो सरकार को नई पोस्ट क्रिएट करनी होंगी ताकि इन लोगों को रेगुलर बनाया जा सके। वित्त विभाग के अफसरों के सामने अब काफी काम है। उन्हें बजट देखना होगा, पोस्ट की संख्या तय करनी होगी और सब कुछ नियमानुसार करना होगा। चौथा और अंतिम चरण: फाइनल अप्रूवल - 30 अप्रैल तक संबंधित विभागों के प्रमुखों को फाइनल मंजूरी देनी होगी। यही वो समय होगा जब सेवा सुरक्षा के प्रस्ताव वाले पत्र जारी होंगे। इन पत्रों को पाने के बाद कर्मचारियों को पता चल जाएगा कि उनकी नौकरी अब स्थायी हो गई है।'हरियाणा अनुबंध कर्मचारी (सेवा सुरक्षा) नियम, 2025' के अंतर्गत अनुबंध कर्मचारियों के मामलों को ऑनलाइन दर्ज करने और उनके निपटान हेतु https://t.co/hllG3MsDbQ के नाम से एक समर्पित पोर्टल शुरू किया जाएगा। पोर्टल का शुभारम्भ 25 दिसम्बर को सुशासन दिवस के मौके पर किया जाएगा। #Haryana… — DPR Haryana (@DiprHaryana) December 24, 2025