हरियाणा में ई-नीलामी नियमों में बड़ा बदलाव: अब 60 दिन में दोबारा होगी बोली
हरियाणा की नायब सैनी सरकार ने जमीन की ई-नीलामी (E-Auction) से जुड़े नियमों में अहम बदलाव किए हैं. हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (Haryana Urban Development Authority) ने इस कदम का मकसद पारदर्शिता (Transparency) और जिम्मेदारी सुनिश्चित करना बताया है. नए नियम मकान, दुकान, संस्थान और कामर्शियल प्रॉपर्टी (Commercial Property) के आवंटन में सख्ती लाएंगे. नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कड़ा एक्शन लिया जाएगा.
60 दिन में दोबारा नीलामी
नए नियमों के तहत, अगर कोई भूखंड (Plot) नियमों का उल्लंघन कर रद्द होता है, तो उसे 60 दिन के भीतर दोबारा नीलाम करना अनिवार्य होगा. अगर नई बोली पुरानी से कम भी हो, तब भी सबसे ज्यादा बोली लगाने वाले को प्रॉपर्टी दी जाएगी. पुराने आवंटी की बयाना राशि (Earnest Money) पूरी तरह जब्त होगी. वहीं, कॉम्प्लेक्स या मॉल खरीदने वालों को भुगतान के कई विकल्प मिलेंगे. नियम तोड़ने पर मूल बोली का 10% या नई-पुरानी बोली का अंतर, जो कम हो, जब्त होगा. जमा राशि पर कोई ब्याज (Interest) भी नहीं मिलेगा.
[ads1]
ज्यादा बोली पर पुरानी राशि वापस
अगर दोबारा नीलामी (Re-Auction) में ज्यादा कीमत मिलती है और नया बोलीदाता पूरी राशि जमा कर देता है, तो HSVP पहले बोलीदाता की जमा राशि लौटाएगा, लेकिन बयाना राशि वापस नहीं होगी.
सरेंडर पर भारी जुर्माना
संशोधित नीति के तहत, पहले साल में प्रॉपर्टी सरेंडर करने पर बोली राशि का 15%, 1-2 साल में 25%, 2-3 साल में 35%, और 3 साल बाद 50% जब्त होगा.
भुगतान के लिए समय-सीमा
आवंटियों को 10% अग्रिम राशि जमा करने के बाद 30 दिन में अतिरिक्त 15% राशि देनी होगी. आवासीय (Residential) और छोटी व्यावसायिक संपत्तियों (Booth, Kiosk, SCO) के लिए बाकी 75% राशि 120 दिनों में जमा करनी होगी. ग्रुप हाउसिंग (Group Housing) या मल्टी-स्टोरी अपार्टमेंट जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स के लिए भी 120 दिन का समय मिलेगा. यह नियम 13 मई 2025 तक पेंडिंग देय तिथियों पर लागू होंगे.
नए नियमों से नीलामी प्रक्रिया को और पारदर्शी बनाने की कोशिश है, जिससे हरियाणा में प्रॉपर्टी आवंटन (Property Allotment) में विश्वास बढ़ेगा.
[ads1]
FAQ
Q1. ई-नीलामी के नए नियम कब से लागू होंगे? नया नियम 13 मई 2025 तक उन सभी संपत्तियों पर लागू होगा जिनकी देय तिथि अब तक लंबित है।
Q2. अगर पुरानी नीलामी रद्द हो जाए तो क्या होगा? यदि कोई नीलामी रद्द होती है, तो 60 दिनों के अंदर उसी भूखंड की दोबारा नीलामी की जाएगी।
Q3. नियम तोड़ने पर क्या सजा मिलेगी? नियम तोड़ने वालों पर बोली राशि का 10% या पुरानी व नई बोली के अंतर का जो कम हो, वह जुर्माना लगाया जाएगा।
Q4. सरेंडर करने पर कितनी राशि जब्त होगी? समय के अनुसार 15% से 50% तक राशि जब्त की जाएगी।
Q5. क्या ब्याज मिलेगा? नहीं, किसी भी स्थिति में जमा राशि पर ब्याज नहीं दिया जाएगा।