Haryana News: उत्तर भारत के गैंगवार की परतों में उलझे एक बड़े हत्याकांड नेटवर्क पर दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल ने निर्णायक चोट की है। पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में हुई तीन हाई-प्रोफाइल हत्याओं के पीछे काम कर रहे लॉरेंस विश्नोई गैंग से जुड़े पांच शूटरों को गिरफ्तार किया गया है। जांच में सामने आया है कि ये शूटर अनमोल बिश्नोई और आरजू बिश्नोई गैंग के इशारों पर काम कर रहे थे और अलग-अलग शहरों में सुनियोजित तरीके से वारदातों को अंजाम दे रहे थे।
स्पेशल सेल के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए आरोपियों का नेटवर्क केवल एक शहर तक सीमित नहीं था। पूछताछ में यह बात उभरी कि गिरोह ने पिछले कुछ महीनों में तीन अलग-अलग राज्यों में टार्गेट तय कर हत्याएं कीं। 1 दिसंबर को चंडीगढ़ में गोल्डी बराड़ गैंग से जुड़े इंद्रप्रीत उर्फ पैरी की हत्या, सितंबर में अमृतसर के लायन बार एंड रेस्टोरेंट के मालिक आशु महाजन की गोली मारकर हत्या और जून में पंचकुला में राष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी सोनू नोल्टा की हत्या—तीनों घटनाएं इसी कड़ी का हिस्सा बताई जा रही हैं।
जांच से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि हर वारदात से पहले रेकी, हथियारों की सप्लाई और फरारी के रूट पहले से तय किए गए थे। यही वजह रही कि आरोपी लंबे समय तक पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ पुलिस की पकड़ से बाहर रहे। स्पेशल सेल की टीम ने तकनीकी सर्विलांस, पुराने गैंग लिंक और हालिया मूवमेंट को जोड़कर ऑपरेशन को अंजाम दिया।
कबड्डी खिलाड़ी सोनू नोल्टा की हत्या ने खेल जगत को झकझोर दिया था। स्थानीय स्तर पर लोकप्रिय खिलाड़ी की मौत ने यह सवाल खड़ा किया था कि गैंगवार का दायरा अब किस हद तक फैल चुका है। वहीं, अमृतसर में व्यवसायी आशु महाजन की हत्या ने शहर के कारोबारी माहौल में डर का माहौल बना दिया था। चंडीगढ़ की घटना ने यह साफ किया कि गैंग की पहुंच सीमाओं से परे है और टार्गेट बदलते रहते हैं।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तार शूटर सीधे तौर पर हत्याओं में शामिल रहे हैं और इनका संबंध हैरी बॉक्सर गैंग से जुड़े नेटवर्क से भी सामने आया है। अब फोकस इस बात पर है कि फंडिंग, हथियारों की सप्लाई और फरार हैंडलर्स तक कैसे पहुंचा जाए। स्पेशल सेल आने वाले दिनों में अन्य राज्यों में भी छापेमारी कर सकती है।
इस कार्रवाई को गैंगवार के खिलाफ एक अहम मोड़ माना जा रहा है। तीन राज्यों में फैली हत्याओं की कड़ी टूटने से न सिर्फ पीड़ित परिवारों को न्याय की उम्मीद बंधी है, बल्कि यह संदेश भी गया है कि संगठित अपराध का नेटवर्क कितना भी फैला हो, उसकी कड़ियां अंततः जुड़कर कानून के सामने आ जाती हैं।
World Desk Verified Public Figure • 28 Feb, 2026Editor
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