सरसों की बुवाई: डिबलर या छिट्टूआ, कौन सा तरीका चुने किसान? जाने दोनों में अंतर

News
News Verified Public Figure • 27 Feb, 2026 Editor
Sep 16, 2025 • 9:19 AM
V
Vews
BREAKING
News
News
1 year ago
सरसों की बुवाई: डिबलर या छिट्टूआ, कौन सा तरीका चुने किसान? जाने दोनों में अंतर
 तरीका चुने किसान? जाने दोनों में अंतर
Full Story: https://news.vews.in/mustard-sowing-dibbler-or-chhittua-which-method-should-farmers-choose
https://news.vews.in/mustard-sowing-dibbler-or-chhittua-which-method-should-farmers-choose
Copied
सरसों की बुवाई: डिबलर या छिट्टूआ, कौन सा तरीका चुने किसान? जाने दोनों में अंतर
किसान भाइयों के लिए अच्छी खबर है क्योंकि सरसों की बुवाई का समय अब नजदीक आता जा रहा है! देश के कई हिस्सों में सरसों की खेती का सीजन शुरू हो चुका है. सितंबर के आखिरी हफ्ते से लेकर नवंबर तक बुआई का सही समय है. सरसों की फसल न सिर्फ तेल देती है बल्कि इसकी हरी पत्तियां और दाने भी बाजार में अच्छा मुनाफा दिलाते हैं. लेकिन अच्छी पैदावार के लिए खेत की सही तैयारी और बुआई का तरीका बहुत जरूरी है. आज हम बात करेंगे कि खेत को कैसे तैयार करें और डिबलर व छिट्टूआ विधि में से कौन सा तरीका आपके लिए बेहतर है.

सबसे पहले खेती की तैयारी जरूर है

सरसों की बुआई से पहले खेत की जुताई बहुत जरूरी है. दो से तीन बार जुताई करें ताकि मिट्टी भुरभुरी और खरपतवार मुक्त हो जाए. पहली जुताई गहरी करें जिससे मिट्टी ढीली हो और जड़ें आसानी से फैलें. इसके बाद कल्टीवेटर या डिस्क हैरो से दो जुताई और करें. अगर खेत में पहले की फसल के अवशेष हैं तो उन्हें हटाने के लिए तीसरी जुताई करें. जुताई के बाद हल्की सिंचाई करें इससे बीज जल्दी अंकुरित होते हैं और फसल अच्छी शुरूआत लेती है. खेती की तैयारी पर फसल की पैदावार निर्भर करती है इसलिए तैयारी पर अधिक से अधिक ध्यान किसान भाइयों को देना चाहिए.

डिबलर विधि आधुनिक है और फायदेमंद भी

डिबलर विधि बड़े खेतों के लिए बेहतरीन है. इसमें डिबलर मशीन से बीज सही गहराई और 20-25 सेंटीमीटर के फासले पर बोए जाते हैं. प्रति हेक्टेयर सिर्फ 4-5 किलो बीज की जरूरत पड़ती है. इस विधि में बीज की बर्बादी नहीं होती, और पानी-खाद का सही इस्तेमाल होता है. फसल 90-100 दिन में तैयार हो जाती है, और पैदावार 15-20% ज्यादा मिल सकती है. हालांकि डिबलर मशीन की शुरुआती लागत ज्यादा हो सकती है लेकिन लंबे समय में ये फायदेमंद साबित होती है.

छिट्टूआ विधि आसान है और सस्ता भी पड़ता है

छिट्टूआ विधि छोटे खेतों और कम बजट वाले किसानों के लिए अच्छी है. इसमें बीज को हाथ से खेत में छिटका जाता है, जिसके लिए किसी मशीन की जरूरत नहीं. लेकिन इसमें 6-8 किलो बीज प्रति हेक्टेयर लगते हैं और फसल असमान हो सकती है. बुआई के बाद हल्की जुताई या रोलर चलाना पड़ता है ताकि बीज मिट्टी में दब जाएं. इस विधि में खरपतवार और निराई-गुड़ाई की मेहनत ज्यादा होती है लेकिन लागत कम आती है. देश के कई हिस्सों में आज भी इस विधि का इस्तेमाल फसलों की बुवाई के लिए किया जाता है.

कौन सा तरीका है आपके लिए सबसे अच्छा?

डिबलर विधि ज्यादा पैदावार और संसाधनों की बचत करती है लेकिन मशीन का खर्च शुरू में ज्यादा हो सकता है. वहीं छिट्टूआ विधि सस्ती और तेज है पर पैदावार थोड़ी कम हो सकती है. अगर आपके पास बड़ा खेत और बजट है तो डिबलर चुनें. छोटे खेतों के लिए छिट्टूआ बेहतर है. दोनों ही तरीकों में सही समय पर बुआई और अच्छे बीज जरूरी हैं. सरसों की खेती किसानों के लिए मुनाफे का सौदा है. सही जुताई, अच्छे बीज और अपने खेत के हिसाब से बुआई का तरीका चुनकर आप शानदार फसल उगा सकते हैं. अपने नजदीकी कृषि केंद्र से सलाह लें और इस रबी सीजन में सरसों की खेती से कमाई बढ़ाएं. दोनों विधि में से आप अपनी खेती की साइज और अपनी सहूलियत के आधार पर ये फैसला ले सकते है की आपके लिए इस सीजन में कौन सी बुवाई की तकनीक बेहतर रहने वाली है.
history This is an archived post. The information provided may be outdated.

News Verified Public Figure • 27 Feb, 2026 Editor

Breaking news, verified reports, and major headlines published directly from the Vews newsroom.

Live TV

Recommended Posts

मध्य पूर्व में गहराता संघर्ष: वैश्विक अर्थव्यवस्था और मानव स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव
मध्य पूर्व में गहराता संघर्ष: वैश्विक अर्थव्यवस्था और मानव स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव
मेरठ की धरती से मोदी का महाप्रहार: 'कांग्रेस तो वैचारिक रूप से पहले ही नंगी थी, दुनिया के सामने कपड़े उतारने की क्या ज़रूरत?'
मेरठ की धरती से मोदी का महाप्रहार: 'कांग्रेस तो वैचारिक रूप से पहले ही नंगी थी, दुनिया के सामने कपड़े उतारने की क्या ज़रूरत?'
T20 World Cup 2026: क्या फिर लहराएगा तिरंगा? अहमदाबाद में सूर्या की 'अग्निपरीक्षा', द. अफ्रीका से महामुकाबला आज!
T20 World Cup 2026: क्या फिर लहराएगा तिरंगा? अहमदाबाद में सूर्या की 'अग्निपरीक्षा', द. अफ्रीका से महामुकाबला आज!
IND vs SA Super 8: अहमदाबाद में महामुकाबला, भारत के 'मोर्ने' बनाम दक्षिण अफ्रीका के 'एल्बी'; एक ही घर के दो चिराग, अब आमने-सामने!
IND vs SA Super 8: अहमदाबाद में महामुकाबला, भारत के 'मोर्ने' बनाम दक्षिण अफ्रीका के 'एल्बी'; एक ही घर के दो चिराग, अब आमने-सामने!
Masoom Sharma Controversy: 'यारी' फेम मासूम शर्मा को चढ़ा सफलता का नशा? मंच पर पूर्व सरपंच से की बदसलूकी, वायरल वीडियो ने खड़ा किया विवाद
Masoom Sharma Controversy: 'यारी' फेम मासूम शर्मा को चढ़ा सफलता का नशा? मंच पर पूर्व सरपंच से की बदसलूकी, वायरल वीडियो ने खड़ा किया विवाद
बांग्लादेश में 'क्रांति' के बाद अब 'भीड़तंत्र' पर प्रहार: प्रधानमंत्री तारिक रहमान का कड़ा रुख, क्या थमेगा हिंदुओं पर हमला?
बांग्लादेश में 'क्रांति' के बाद अब 'भीड़तंत्र' पर प्रहार: प्रधानमंत्री तारिक रहमान का कड़ा रुख, क्या थमेगा हिंदुओं पर हमला?
amp_stories Web Stories
login Login
local_fire_department Trending menu Menu
Logo

Never miss what matters

Enable notifications to get exclusive updates and top news stories.

⚙️ Manage Notifications

You are currently receiving our latest breaking news and updates.

Manage Notifications