काली गाजर की नई किस्म आई मार्किट में, अक्टूबर में करें बुवाई करके मिलेगी बम्पर पैदावार

News
News Verified Public Figure • 27 Feb, 2026 Editor
Oct 21, 2025 • 10:57 PM
V
Vews
BREAKING
News
News
12 months ago
काली गाजर की नई किस्म आई मार्किट में, अक्टूबर में करें बुवाई करके मिलेगी बम्पर पैदावार
्टूबर में करें बुवाई करके मिलेगी बम्पर पैदावार
Full Story: https://news.vews.in/new-variety-of-black-carrot
https://news.vews.in/new-variety-of-black-carrot
Copied
काली गाजर की नई किस्म आई मार्किट में, अक्टूबर में करें बुवाई करके मिलेगी बम्पर पैदावार
New Variety of Black Carrot: ठंड का मौसम शुरू होते ही बाजारों में गाजर की चमक बढ़ जाती है। इस बार काले गाजर की खेती से किसान भाई अच्छी कमाई का सपना पूरा कर सकते हैं क्योंकि मार्किट में काली गाजर की नई किस्म आ चुकी है। किसान भाइयों पूसा असिता नाम की यह अनोखी किस्म जो कम मेहनत में ज्यादा मुनाफा देती है किसानों की पहली पसंद बन रही है। अक्टूबर का महीना इसके लिए बुवाई का सबसे सही समय है। तो आइए जानते हैं कि कैसे आप इस सर्दी में काले गाजर की खेती से अपनी जेब भर सकते हैं।

गाजर की नई किस्म कौन सी है?

भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (आईएआरआई), नई दिल्ली के वैज्ञानिक प्रीतम कालिया ने पूसा असिता (New Variety of Black Carrot) को विकसित किया है। यह काला गाजर न केवल स्वाद में लाजवाब है बल्कि एंथोसायनिन जैसे शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर है। यह तत्व इसे गहरा काला रंग देता है और स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद बनाता है। कैरोटीनॉयड और फिनोल जैसे पोषक तत्व इसे और खास बनाते हैं। इसकी खेती से प्रति हेक्टेयर 20 टन तक उपज मिल सकती है। इसका स्वाद हल्का मीठा और खुशबू गहरी होती है, जिससे बाजार में अच्छा दाम मिलता है। बिहार जैसे राज्यों में जहां मिट्टी उपजाऊ है यह किस्म आसानी से उगाई जा सकती है और रोगों से लड़ने की क्षमता भी रखती है।

काली गाजर के बीज कहां से मिलेंगे?

किसान भाइयों अगर आप काली गाजर की इस नई किस्म (New Variety of Black Carrot) की खेती करना चाहते है तो आपको बता दें की इसके लिए राष्ट्रीय बीज निगम ने पूसा असिता के प्रमाणित बीज ऑनलाइन उपलब्ध कराए हैं। अभी 5 ग्राम का पैकेट 50% छूट के साथ मात्र 25 रुपये में मिल रहा है। एक हेक्टेयर के लिए 4-6 किलो बीज काफी हैं। वेबसाइट पर जाकर आसानी से ऑर्डर करें, बस नाम, पता और पेमेंट की जानकारी भरें। बीज सीधे आपके घर पहुंच जाएंगे। सस्ते बीज से खेती का खर्च कम होगा और अच्छी उपज से मुनाफा दोगुना हो सकता है।

काली गाजर की खेती के लिए खेत की तैयारी कैसे करें?

काले गाजर की खेती (Black Carrot Farming) के लिए खेत की अच्छी तैयारी जरूरी है। खेत को समतल करें और 2-3 बार गहरी जुताई करें। हर जुताई के बाद पाटा चलाएं ताकि मिट्टी भुरभुरी हो जाए। गोबर की खाद मिलाएं, इससे पौधे मजबूत होंगे। हल्की, रेतीली मिट्टी चुनें, जो पानी को अच्छे से निकाल दे। बीज 1/4 इंच गहराई पर बोएं और पौधों के बीच 2-3 इंच की दूरी रखें। अक्टूबर में बुवाई करें, क्योंकि ठंडा तापमान और पूर्ण सूर्य की रोशनी इस किस्म के लिए बेस्ट है। 12-15 दिन में अंकुरण शुरू हो जाएगा। बुवाई के बाद नियमित सिंचाई करें, लेकिन पानी ज्यादा न लगाएं, वरना जड़ें फट सकती हैं। मिट्टी को नम रखें और खरपतवार समय पर हटाएं। कीटों से बचाव के लिए जैविक तरीके अपनाएं। पूसा असिता (New Variety of Black Carrot) 95-100 दिन में तैयार हो जाती है। इस दौरान हल्की खाद की टॉप ड्रेसिंग करें। अच्छी देखभाल से गाजर चमकदार और बाजार में ऊंचे दाम वाली होगी। छोटे बगीचों या गमलों में भी इसे उगाया जा सकता है, बशर्ते जड़ों को फैलने की जगह मिले।

क्यों है काले गाजर की खेती फायदेमंद?

काला गाजर न केवल स्वादिष्ट है बल्कि स्वास्थ्य के प्रति जागरूक लोगों की बढ़ती मांग को पूरा करता है। पूसा असिता जैसी उन्नत किस्में भारतीय मिट्टी के लिए बनी हैं और कम संसाधनों में ज्यादा पोषण और कमाई देती हैं। बिहार, उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में यह फसल किसानों के लिए वरदान साबित हो रही है। अगर आप इस सर्दी में कुछ नया ट्राई करना चाहते हैं तो अभी बीज मंगवाएं (New Variety of Black Carrot Seeds) और खेती शुरू करें। सर्दी खत्म होने तक आपकी मेहनत रंग लाएगी और बाजार में काली गाजर की चमक आपकी कमाई को बढ़ाएगी।

News Verified Public Figure • 27 Feb, 2026 Editor

Breaking news, verified reports, and major headlines published directly from the Vews newsroom.

Live TV

Recommended Posts

मध्य पूर्व में गहराता संघर्ष: वैश्विक अर्थव्यवस्था और मानव स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव
मध्य पूर्व में गहराता संघर्ष: वैश्विक अर्थव्यवस्था और मानव स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव
मेरठ की धरती से मोदी का महाप्रहार: 'कांग्रेस तो वैचारिक रूप से पहले ही नंगी थी, दुनिया के सामने कपड़े उतारने की क्या ज़रूरत?'
मेरठ की धरती से मोदी का महाप्रहार: 'कांग्रेस तो वैचारिक रूप से पहले ही नंगी थी, दुनिया के सामने कपड़े उतारने की क्या ज़रूरत?'
T20 World Cup 2026: क्या फिर लहराएगा तिरंगा? अहमदाबाद में सूर्या की 'अग्निपरीक्षा', द. अफ्रीका से महामुकाबला आज!
T20 World Cup 2026: क्या फिर लहराएगा तिरंगा? अहमदाबाद में सूर्या की 'अग्निपरीक्षा', द. अफ्रीका से महामुकाबला आज!
IND vs SA Super 8: अहमदाबाद में महामुकाबला, भारत के 'मोर्ने' बनाम दक्षिण अफ्रीका के 'एल्बी'; एक ही घर के दो चिराग, अब आमने-सामने!
IND vs SA Super 8: अहमदाबाद में महामुकाबला, भारत के 'मोर्ने' बनाम दक्षिण अफ्रीका के 'एल्बी'; एक ही घर के दो चिराग, अब आमने-सामने!
Masoom Sharma Controversy: 'यारी' फेम मासूम शर्मा को चढ़ा सफलता का नशा? मंच पर पूर्व सरपंच से की बदसलूकी, वायरल वीडियो ने खड़ा किया विवाद
Masoom Sharma Controversy: 'यारी' फेम मासूम शर्मा को चढ़ा सफलता का नशा? मंच पर पूर्व सरपंच से की बदसलूकी, वायरल वीडियो ने खड़ा किया विवाद
बांग्लादेश में 'क्रांति' के बाद अब 'भीड़तंत्र' पर प्रहार: प्रधानमंत्री तारिक रहमान का कड़ा रुख, क्या थमेगा हिंदुओं पर हमला?
बांग्लादेश में 'क्रांति' के बाद अब 'भीड़तंत्र' पर प्रहार: प्रधानमंत्री तारिक रहमान का कड़ा रुख, क्या थमेगा हिंदुओं पर हमला?
amp_stories Web Stories
login Login
local_fire_department Trending menu Menu
Logo

Never miss what matters

Enable notifications to get exclusive updates and top news stories.

⚙️ Manage Notifications

You are currently receiving our latest breaking news and updates.

Manage Notifications