केंद्र सरकार ने शुक्रवार, 26 सितंबर 2025 को पीएम किसान सम्मान निधि की 21वीं किस्त जारी कर दी। इस बार खास तौर पर पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश के किसानों को पहले राहत देने के लिए यह राशि समय से पहले भेजी गई। बाढ़ और भूस्खलन से प्रभावित इन राज्यों के किसानों को आर्थिक मदद पहुंचाने के लिए सरकार ने यह कदम उठाया। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस किस्त को हरी झंडी दिखाई।
27 लाख किसानों के खातों में पहुंचे 540 करोड़ रुपये
कृषि मंत्रालय के अनुसार, इस किस्त के तहत 27 लाख से ज्यादा किसानों को 540 करोड़ रुपये से अधिक की राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए उनके बैंक खातों में भेजी गई। इसमें करीब 2.7 लाख महिला किसान भी शामिल हैं। प्रत्येक किसान को 2,000 रुपये की राशि दी गई है। यह रकम किसानों को खेती के लिए फिर से तैयार होने में मदद करेगी।
कृषि मंत्री ने दी राहत की गारंटी
कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा, "यह किस्त उन किसानों के लिए वरदान साबित होगी, जिन्हें बाढ़ और भूस्खलन ने भारी नुकसान पहुंचाया। हमारा लक्ष्य है कि किसानों को समय पर मदद मिले और वे आत्मविश्वास के साथ खेती-किसानी में जुट सकें।" उन्होंने यह भी बताया कि सरकार प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित किसानों के लिए और योजनाएं लाने पर विचार कर रही है।
पीएम किसान योजना का मकसद
2019 में शुरू हुई प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का उद्देश्य छोटे और सीमांत किसानों को आर्थिक सहारा देना है। इसके तहत हर पात्र किसान को सालाना 6,000 रुपये तीन किस्तों (2,000 रुपये प्रति किस्त) में दिए जाते हैं। यह राशि सीधे उनके बैंक खातों में पहुंचती है। योजना का लाभ लेने के लिए किसानों का आधार नंबर बैंक खाते से लिंक होना जरूरी है और eKYC पूरा करना अनिवार्य है।
हालांकि, आयकरदाता, पेंशनभोगी या सरकारी नौकरी में कार्यरत लोग इस योजना के पात्र नहीं हैं। यह योजना विशेष रूप से उन किसानों के लिए है, जिनके पास खेती योग्य जमीन है और जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं।
किसानों का भरोसा बढ़ाने की कोशिश
हिमाचल, पंजाब और उत्तराखंड में हाल की प्राकृतिक आपदाओं ने किसानों को भारी नुकसान पहुंचाया। ऐसे में समय से पहले किस्त जारी करना सरकार का एक अहम कदम है। यह न केवल किसानों को आर्थिक मदद देगा बल्कि उनके हौसले को भी बढ़ाएगा।
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