Rewari News: हरियाणा रोडवेज कर्मचारियों का आंदोलन सोमवार को रेवाड़ी में एक नए मोड़ पर दिखा, जब डिपो के कर्मी भूख हड़ताल के तीसरे चरण में बैठे। सुबह से ही डिपो परिसर में अलग-सी खामोशी थी। काम पर जाने की जगह कर्मचारी एक साथ बैठे थे और चर्चा बस एक ही मुद्दे पर थी: सरकार की तरफ से लंबित मांगों पर चुप्पी।
यूनियन नेताओं का कहना है कि बार-बार आश्वासन मिलने के बावजूद ज़मीनी बदलाव नहीं दिखा इसलिए आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से तेज किया जा रहा है।
कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि रोडवेज जैसे अहम सार्वजनिक परिवहन तंत्र को चलाने वाले स्टाफ की समस्याएं लंबे समय से फाइलों में दबी हैं।
वेतन, सेवा शर्तों और सुविधाओं से जुड़ी मांगें वर्षों से उठाई जा रही हैं लेकिन हर बार फैसला टल जाता है। इसी पृष्ठभूमि में भूख हड़ताल को आख़िरी चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है। Rewari News
रेवाड़ी डिपो में बैठे कर्मचारियों को समर्थन देने के लिए यूनियन और साझा मोर्चा के पदाधिकारी मौके पर पहुंचे। इंटक प्रधान राजपाल यादव, चालक संघ प्रधान संजय यादव, डिपो प्रधान प्रवीण यादव और सचिव रविंद्र झाड़ोदा सहित कई नेताओं ने कर्मचारियों को फूलमालाएं पहनाईं और मंच से सरकार को सीधा संदेश दिया कि मांगों को और टालना हालात को और गंभीर करेगा।
केशियर स्टाफ से लेकर चालक-परिचालक तक अलग-अलग श्रेणियों के कर्मचारी एक साथ नजर आए। नेताओं ने कहा कि यह आंदोलन सिर्फ रेवाड़ी तक सीमित नहीं है बल्कि राज्य स्तर पर तय रणनीति के तहत चल रहा है।
साझा मोर्चा के प्रतिनिधियों ने साफ किया कि अगर बातचीत की ठोस पहल नहीं हुई तो अगले चरण में आंदोलन का दायरा बढ़ाया जाएगा। कार्यक्रम में राज्य उपप्रधान जयकुंवार दहिया की मौजूदगी ने संकेत दिया कि यूनियन इस मुद्दे को राजधानी तक मजबूती से ले जाने की तैयारी में है।
डिपो परिसर में मौजूद कर्मचारियों के चेहरे थकान के साथ संकल्प भी दिखा रहे थे। उनका कहना था कि रोज़ाना हजारों यात्रियों को सुरक्षित गंतव्य तक पहुंचाने की जिम्मेदारी निभाने वाले रोडवेज कर्मी अब खुद सुने जाने की मांग कर रहे हैं। Rewari News
भूख हड़ताल का यह चरण सरकार और कर्मचारियों के बीच बढ़ते तनाव का संकेत देता है जहां अगला कदम बातचीत से निकलेगा या टकराव से इस पर सभी की नजरें टिकी हैं।