- सिरसा जेल के वार्डन ने मानसिक तनाव में आत्महत्या की।
- सुसाइड नोट में DSP समेत दो अधिकारियों पर गंभीर आरोप।
- बेटे को फोन पर बताया - “मैं हार गया हूं।”
- परिवार ने न्याय मिलने तक शव न लेने का ऐलान किया।
Haryana News: हरियाणा के सिरसा जिला जेल में गुरुवार शाम एक दर्दनाक घटना सामने आई। 20 साल से अधिक सेवा दे रहे वार्डन सुखदेव सिंह ने जहरीला पदार्थ (poisonous substance) खाकर अपनी जान दे दी। बताया जा रहा है कि वे लंबे समय से ड्यूटी को लेकर चल रहे दबाव और दो वरिष्ठ अधिकारियों की कथित प्रताड़ना (harassment) से परेशान थे। मृत वार्डन ने अपने पीछे दो सुसाइड नोट (suicide notes) छोड़े हैं, जिनमें उन्होंने जेल के डीएसपी और एक अन्य अधिकारी को जिम्मेदार ठहराया है। नोट में यह भी लिखा गया कि इन अधिकारियों ने उन्हें सार्वजनिक रूप से माफी मांगने के लिए मजबूर किया और ड्यूटी को लेकर लगातार मानसिक दबाव बनाया। परिजनों के अनुसार, यह तनाव ही उनकी मौत का कारण बना।
सुखदेव सिंह ने मौत से ठीक पहले अपने बेटे जसपाल को फोन किया था। जसपाल ने बताया कि पिता ने कहा—“दोनों अधिकारियों की प्रताड़ना से तंग आकर मैं अब हार गया हूं, मैंने जहरीला पदार्थ खा लिया है।” उन्होंने बताया कि सुसाइड नोट जेल महानिदेशक और सुपरिंटेंडेंट के नाम लिखा गया है। परिवार ने आरोप लगाया कि अधिकारियों के जातिसूचक व्यवहार और लगातार अपमान से सुखदेव सिंह टूट गए। “पिता हार्ट पेशेंट (heart patient) थे और दो स्टेंट (stents) लगे थे। तनाव झेल नहीं पाए,” बेटे ने रोते हुए कहा।
परिवार उन्हें पहले सिविल अस्पताल और फिर निजी अस्पताल ले गया, लेकिन रात में उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। घटना की जानकारी मिलते ही जेल सुपरिंटेंडेंट मौके पर पहुंचे। मृतक के पिता दीप सिंह और पुत्र जसपाल ने हुडा चौकी (police post) में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने डीएसपी और संबंधित अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। परिवार ने कहा है कि जब तक जिम्मेदार अधिकारियों पर मुकदमा दर्ज नहीं होता, तब तक वे शव का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। हुडा पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फिलहाल अधिकारियों से पूछताछ और सुसाइड नोट की फॉरेंसिक जांच (forensic test) की तैयारी चल रही है।