ट्रंप सरकार का बड़ा फैसला: भारत अब अमेरिका के जरिए खरीद सकेगा वेनेजुएला का तेल, रूस पर निर्भरता घटाने की तैयारी

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Vews Ai Verified Media or Organization • 27 Feb, 2026 Editor
Jan 9, 2026 • 10:20 AM
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ट्रंप सरकार का बड़ा फैसला: भारत अब अमेरिका के जरिए खरीद सकेगा वेनेजुएला का तेल, रूस पर निर्भरता घटाने की तैयारी
का के जरिए खरीद सकेगा वेनेजुएला का तेल, रूस पर निर्भरता घटाने की तैयारी
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ट्रंप सरकार का बड़ा फैसला: भारत अब अमेरिका के जरिए खरीद सकेगा वेनेजुएला का तेल, रूस पर निर्भरता घटाने की तैयारी
  • अमेरिका का भारत को बड़ा ऑफर
  • रूसी तेल के बदले अब मिलेगा वेनेजुएला का क्रूड
  • अमेरिकी कंट्रोल में बिकेगा वेनेजुएला का तेल
  • जानें क्या है ट्रंप का नया मास्टरप्लान
  • रूस पर निर्भरता कम करने के लिए ट्रंप प्रशासन ने फेंका नया दांव
दुनियादारी (Vews News): पूरी दुनिया की नजरें इस वक्त अमेरिका और वेनेजुएला के रिश्तों पर टिकी हैं, लेकिन इस पूरी कहानी का एक सिरा सीधे भारत के रसोई घर और पेट्रोल पंपों से जाकर जुड़ रहा है। डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने एक ऐसा दांव चला है जिससे रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद भारत पर पड़ रहे दबाव की तस्वीर बदल सकती है। खबर है कि अमेरिका अब वेनेजुएला का तेल भारत को बेचने के लिए तैयार है। यह सिर्फ एक व्यापारिक समझौता नहीं है, बल्कि वाशिंगटन की वह कोशिश है जिसमें वह चाहता है कि नई दिल्ली रूसी कच्चे तेल पर अपनी निर्भरता कम करे। कड़वी हकीकत यह है कि पिछले कुछ समय से रूस से तेल खरीदने को लेकर भारत और अमेरिका के बीच एक छिपी हुई तनातनी रही है। अब ट्रंप प्रशासन ने इसका तोड़ निकाल लिया है। इस पूरे मामले में टर्निंग पॉइंट तब आया जब 3 जनवरी को अमेरिकी सेना ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़ा और उसके बाद वहां के तेल बाजार पर एक तरह से अमेरिकी कंट्रोल की शुरुआत हुई। इस हफ्ते काराकस और वाशिंगटन के बीच करीब 2 अरब डॉलर के कच्चे तेल के निर्यात का सौदा हुआ है, जिसके तहत 3 से 5 करोड़ बैरल तेल बाजार में उतारा जाएगा।

कैसे चलेगा तेल का यह नया बाजार?

ट्रंप प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने साफ शब्दों में कहा है कि अमेरिका अब वेनेजुएला के कच्चे तेल को ग्लोबल मार्केट में ले जाने की तैयारी में है और वह भारत को यह तेल बेचने के लिए पूरी तरह तैयार है। लेकिन यहां एक बड़ा पेच है और वो ये की यह सौदा सीधे वेनेजुएला की पुरानी व्यवस्था के साथ नहीं होगा। अमेरिकी ऊर्जा सचिव क्रिस्टोफर राइट ने फॉक्स बिजनेस को दिए एक इंटरव्यू में साफ किया कि तेल तो बहेगा, लेकिन इसकी पूरी निगरानी और ढांचा अमेरिकी सरकार के हाथ में होगा। इसका मतलब यह है कि वेनेजुएला का तेल अब अमेरिकी सरकार ही मार्केटिंग करेगी। इससे जो पैसा आएगा, वह सीधे वेनेजुएला के सरकारी खातों में नहीं जाएगा जहां भ्रष्टाचार का डर हो। राइट ने भरोसा दिलाया है कि यह पैसा विशेष खातों में रखा जाएगा और इसका इस्तेमाल केवल वेनेजुएला की जनता की भलाई के लिए होगा, न कि किसी तानाशाही शासन या भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने के लिए।

भारत के लिए क्यों जरूरी है यह खबर?

पुराने दिनों को याद करें तो पाबंदियां लगने से पहले भारत वेनेजुएला के कच्चे तेल का सबसे बड़ा खरीदार हुआ करता था। भारत की रिफाइनरियां इसी भारी कच्चे तेल (Heavy Crude) को प्रोसेस करने के लिए बनी हैं। अब जब रूस से तेल खरीदने पर पश्चिमी देशों की भृकुटियां तनी हुई हैं, तो वेनेजुएला का यह विकल्प भारत के लिए किसी संजीवनी से कम नहीं है। क्रिस्टोफर राइट ने यह भी माना कि वेनेजुएला के तेल में सिर्फ अमेरिका ही नहीं, बल्कि यूरोप और एशिया के देशों की भी गहरी दिलचस्पी है। उन्होंने न्यूयॉर्क में एक कांफ्रेंस के दौरान कहा कि अमेरिका के पास अभी करोड़ों बैरल तेल स्टोरेज में है जिसे वह जल्द ही बाजार में उतारने जा रहा है। अमेरिका न सिर्फ तेल बेचेगा बल्कि वेनेजुएला के तेल क्षेत्र को फिर से खड़ा करने के लिए जरूरी मशीनरी और कलपुर्जे भी मुहैया कराएगा।

ट्रंप की सख्त नीति और भविष्य का संकेत

इस पूरे घटनाक्रम से एक बात तो साफ है कि ट्रंप प्रशासन ने 'गाजर और छड़ी' वाली नीति अपनाई है। राइट ने दो टूक लहजे में कहा कि या तो आप अमेरिका के साथ मिलकर तेल बेच सकते हैं या फिर आप तेल बेच ही नहीं पाएंगे। हाल ही में पकड़े गए अवैध टैंकरों का हवाला देते हुए उन्होंने चेतावनी दी कि अब सिर्फ वही व्यापार मान्य होगा जो कानून के दायरे में और अमेरिकी निगरानी में होगा। भारत जैसे देश के लिए, जिसकी ऊर्जा जरूरतें आसमान छू रही हैं, तेल के स्रोतों का इस तरह से विस्तार होना एक राहत भरी खबर है। अगर सब कुछ योजना के मुताबिक रहा तो जल्द ही भारतीय बंदरगाहों पर वेनेजुएला से आने वाले जहाज फिर से दिखाई दे सकते हैं लेकिन इस बार उन पर मुहर अमेरिकी निगरानी की होगी।

Vews Ai Verified Media or Organization • 27 Feb, 2026 Editor

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